मुंह ढककर बहस करने पर खिलाड़ी को मिल सकता है लाल कार्ड

मुंह ढककर बहस करने पर खिलाड़ी को मिल सकता है लाल कार्ड

मुंह ढककर बहस करने पर खिलाड़ी को मिल सकता है लाल कार्ड
Modified Date: April 29, 2026 / 10:43 am IST
Published Date: April 29, 2026 10:43 am IST

वैंकूवर, 29 अप्रैल (एपी) चैंपियंस लीग मैच के दौरान विनीसियस जूनियर के खिलाफ की गई कथित नस्लीय टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ बोर्ड (आईएफएबी) ने एक नए नियम को मंजूरी दी है जिससे खिलाड़ियों को दूसरे खिलाड़ी से मौखिक बहस करते समय मुंह ढकने पर लाल कार्ड से दंडित किया जाएगा।

ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकूवर में मंगलवार को हुई बैठक में आईएफएबी ने सर्वसम्मति से इस नियम को मंजूरी दी। यह नियम 11 जून से शुरू होने वाले विश्व कप फुटबॉल में लागू होगा।

विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने इस नियम का प्रस्ताव तब रखा था जब रियाल मैड्रिड के विनीसियस जूनियर ने फरवरी में चैंपियंस लीग मैच के दौरान बेनफिका के जियानलुका प्रेस्टियानी पर मुंह ढककर नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।

यूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था यूईएफए ने पिछले सप्ताह प्रेस्टियानी पर छह मैचों का प्रतिबंध लगा दिया था। अगर प्रेस्टियानी को अर्जेंटीना की विश्व कप टीम में चुना जाता है तो उन्हें पहले दो मैचों से बाहर रहना पड़ सकता है। इस प्रतिबंध के खिलाफ हालांकि अपील की जा सकती है।

आईएफएबी ने बयान में कहा, ‘‘किसी विरोधी खिलाड़ी के खिलाफ बहस के दौरान मुंह ढकने वाले किसी भी खिलाड़ी को लाल कार्ड से दंडित किया जा सकता है।’’

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के नियम तय करने वाली संस्था ने यह भी घोषणा की कि रेफरी के फैसले के विरोध में मैदान छोड़ने वाले किसी भी खिलाड़ी को लाल कार्ड दिखाया जा सकता है। यह नियम उन टीम अधिकारियों पर भी लागू होगा जो खिलाड़ियों को मैदान छोड़ने के लिए कहते हैं।

आईएफएबी ने कहा कि इन संशोधन के बारे में अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले विश्व कप में भाग लेने वाली सभी 48 टीमों को बता दिया जाएगा।

इसके साथ ही फीफा ने विश्व कप के पीले कार्ड संबंधी नियमों में बदलाव किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महत्वपूर्ण मैचों के लिए कम खिलाड़ियों को निलंबित किया जाए।

नए नियम के अनुसार विश्व कप के दौरान किसी खिलाड़ी को मिला पीला कार्ड दो बार उसके रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।

फीफा ने एक बयान में कहा, ‘‘फीफा परिषद ने फीफा विश्व कप 2026 के नियमों में एक संशोधन किया है, जिसके अनुसार किसी खिलाड़ी को ग्रुप चरण में मिला एक पीला कार्ड नाकआउट चरण में मान्य नहीं होगा। इसी तरह से क्वार्टर फाइनल में मिला एक पीला कार्ड अगले मैचों के लिए मान्य नहीं होगा।’’

विश्व कप में इससे पहले यदि किसी खिलाड़ी को दो अलग-अलग मैचों में पीला कार्ड दिखाया जाता था तो उसे एक मैच का प्रतिबंध झेलना पड़ता है, लेकिन पिछले टूर्नामेंटों में क्वार्टर फाइनल चरण के बाद एक पीले कार्ड को रद्द कर दिया जाता था। इससे यह सुनिश्चित हो गया कि सेमीफाइनल में पीला कार्ड मिलने के कारण किसी भी खिलाड़ी को फाइनल से बाहर नहीं होना पड़ेगा।

एपी

पंत

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