शास्त्री के नाम पर होगा वानखेड़े स्टेडियम में एक स्टैंड

शास्त्री के नाम पर होगा वानखेड़े स्टेडियम में एक स्टैंड

शास्त्री के नाम पर होगा वानखेड़े स्टेडियम में एक स्टैंड
Modified Date: February 27, 2026 / 09:52 pm IST
Published Date: February 27, 2026 9:52 pm IST

मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने शुक्रवार को घोषणा की कि मशहूर वानखड़े स्टेडियम के एक स्टैंड का नाम भारत के पूर्व ऑलराउंडर रवि शास्त्री के नाम पर रखा जाएगा और साथ ही दिलीप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडुल्जी के नाम पर भी गेट समर्पित किए गए।

स्टेडियम में जहां स्टैंड का नाम मुंबई के पूर्व कप्तान शास्त्री के सम्मान में रखा जाएगा तो वहीं स्थल के तीन अलग-अलग गेट शहर के खिलाड़ियों के नाम पर रखे जाएंगे।

एमसीए ने कहा, ‘‘शीर्ष परिषद ने मशहूर वानखेड़े स्टेडियम में प्रेस बॉक्स के नीचे लेवल एक स्टैंड का नाम भारत के पूर्व कप्तान और मशहूर कमेंटेटर रवि शास्त्री के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुंबई और भारतीय क्रिकेट में एक खिलाड़ी और एक कोच दोनों के तौर पर उनके शानदार योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। ’’

ये फैसले यहां एमसीए की शीर्ष परिषद बैठक के दौरान लिए गए। गेट नंबर तीन का नाम सरदेसाई के नाम पर रखा जाएगा जिन्होंने 1960-61 और 1972-73 के बीच भारत के लिए 30 टेस्ट और कुल 179 प्रथम श्रेणी मैच खेले थे।

गेट नंबर पांच का नाम एडुल्जी के सम्मान में रखा जाएगा जिन्होंने 1976-1993 के बीच कुल 20 टेस्ट और 34 वनडे खेले थे।

इसी तरह गेट नंबर छह का नाम सोलकर के नाम पर रखा जाएगा जिन्होंने भारत के लिए 27 टेस्ट और सात वनडे खेले।

एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य ने कहा, ‘‘मुंबई क्रिकेट हमारे दिग्गजों की रखी नींव पर बना है। उन लोगों का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है जिन्होंने शहर और देश का गौरव बढ़ाया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रेस बॉक्स के नीचे लेवल एक स्टैंड का नाम रवि शास्त्री के नाम पर रखने का प्रस्ताव उनके योगदान को श्रद्धांजलि है। इसी तरह वानखेड़े स्टेडियम के गेट दिलीप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडुल्जी के नाम रखने से सुनिश्चित होता है कि स्टेडियम में आने वाले हर प्रशंसक को उन महान खिलाड़ियों की याद आए जिन्होंने हमारी शानदार क्रिकेट विरासत को बनाया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ये फैसले एमसीए के अपने अतीत का जश्न मनाने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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