‘लॉजिस्टिक’ व्यवस्थाओं का आकलन करने जापान जा सकता है एसीसी का प्रतिनिधिमंडल

‘लॉजिस्टिक’ व्यवस्थाओं का आकलन करने जापान जा सकता है एसीसी का प्रतिनिधिमंडल

‘लॉजिस्टिक’ व्यवस्थाओं का आकलन करने जापान जा सकता है एसीसी का प्रतिनिधिमंडल
Modified Date: August 27, 2026 / 03:42 pm IST
Published Date: August 27, 2026 3:42 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) का एक प्रतिनिधिमंडल एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले देशों (टेस्ट खेलने वाले) के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए जापान का दौरा कर सकता है जिसमें उपयुक्त होटल आवास भी शामिल है।

पता चला है कि एसीसी की एक बैठक के दौरान सभी प्रमुख टेस्ट खेलने वाले एशियाई देशों ने जापान में टीम के सामने आने वाली लॉजिस्टिक समस्याओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कीं। इस बैठक में जापान क्रिकेट के सीईओ नाओकी एलेक्स मियाजी भी शामिल हुए।

एक एसोसिएट देश के वरिष्ठ पदाधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘जापान क्रिकेट के प्रतिनिधि ने हमें बताया कि क्रिकेट स्टेडियम के आसपास के सभी पांच सितारा होटल बुक हो चुके हैं। इसलिए उन्हें 20 किमी से भी अधिक दूर एक होटल बुक करने के लिए मजबूर होना पड़ा। टेस्ट खेलने वाले देशों के अधिकांश प्रतिनिधि इस बात से खुश नहीं थे कि टीम को इतनी अधिक यात्रा करनी पड़ेगी। ’’

क्रिकेट प्रतियोगिता आइची में 17 सितंबर से तीन अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी।

समझा जाता है कि एसीसी इस मामले को एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के शीर्ष अधिकारियों के सामने उठाने की योजना बना रहा है क्योंकि जसप्रीत बुमराह और वैभव सूर्यवंशी जैसे क्रिकेट के कुछ बड़े सितारे एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले हैं।

जब वरिष्ठ अधिकारी से पूछा गया कि प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा तो उन्होंने कहा कि इसमें मुख्य रूप से टेस्ट खेलने वाले देशों के प्रतिनिधि होंगे, क्योंकि ये सभी देश प्रतियोगिता के लिए अपनी मुख्य टीम को भेज रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जिन टेस्ट खेलने वाले देशों में बड़े स्टार खिलाड़ी हैं, उनके लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर यह ज्यादा बड़ी चिंता है। हमारे लिए अगर उन्हें अच्छी सुविधाएं मिलती हैं तो हमें पता है कि हमें भी वैसी ही मेहमाननवाजी दी जाएगी। ’’

हालांकि एशियाई खेलों की इन तारीखों के दौरान क्रिकेट स्टेडियम के आसपास मौजूद सभी पांच सितारा होटल पहले ही पूरी तरह बुक हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर एसीसी का प्रतिनिधिमंडल स्थिति का जायजा लेने (रेकी करने) जापान जाता भी है, तो वह वास्तव में क्या कर पाएगा।

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर


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