एआईटीए ने संविधान को एनएसजी अधिनियम के अनुरूप किया, 70 वर्ष की सीमा तय की

एआईटीए ने संविधान को एनएसजी अधिनियम के अनुरूप किया, 70 वर्ष की सीमा तय की

एआईटीए ने संविधान को एनएसजी अधिनियम के अनुरूप किया, 70 वर्ष की सीमा तय की
Modified Date: August 7, 2026 / 05:47 pm IST
Published Date: August 7, 2026 5:47 pm IST

(अमनप्रीत सिंह)

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने अपने संविधान को राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के अनुरूप बनाने के लिये अपनी कार्यकारी समिति में उम्र की पात्रता 70 वर्ष तय कर दी है जिसके लिये आमसभा की असाधारण बैठक में यह नियम 25 . 22 के अंतर से पास हो गया ।

उम्र के प्रावधान पर मतदान करने वाले 47 सदस्यों में से 25 ने 70 वर्ष की सीमा तय करने के लिये वोट किया जबकि 22 का वोट 75 वर्ष बरकरार रखने के लिये था ।

संशोधित प्रावधान के तहत एक उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करने के समय 70 वर्ष से कम उम्र का होना चाहिये । चुने जाने पर वह चार साल का कार्यकाल पूरा करेगा भले ही उस समय 70 वर्ष से अधिक उम्र हो जाये ।

एआईटीए के अंतरिम अध्यक्ष चिंतन पारिख ने पीटीआई से कहा ,‘‘ ईजीएम पर्यवेक्षकों से मतदान के नतीजे आ गए हैं । एआईटीए कार्यकारी समिति द्वारा रखे गए सभी संशोधनों को ईजीएम ने 95 प्रतिशत से अधिक बहुमत से मंजूरी दे दी है । कार्यकारी समिति का सदस्य बनने के लिये उम्र नामांकन दाखिल करने के दिन 70 वर्ष से कम होनी चाहिये । चुने जाने पर उम्मीदवार चार साल का कार्यकाल पूरा कर सकेगा ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘अभी प्राथमिकता उत्कृष्ट मेरिट वाले खिलाड़ियों (एसओएम) को चुनने के लिए आवेदन मंगाना है। एआईटीए को दो महिलाओं समेत चार एसओएम का चुनाव करना होगा। दो एआईटीए कार्यकारी समिति का हिस्सा हो सकते हैं ।’’

ईजीएम दिल्ली में 26 जुलाई को हुई थी । इसमें कई संशोधनों पर मतदान किया गया जिनमें उम्र और कार्यकाल संबंधी प्रावधान, कार्यकारी समिति का ढांचा और मान्यता प्राप्त प्रदेश संघों का प्रतिनिधित्व शामिल है ।

भाषा

मोना नमिता

नमिता


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