एशियाई खेलों की तैयारियां: सहानुभूति और आपसी सम्मान भी जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा

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एशियाई खेलों की तैयारियां: सहानुभूति और आपसी सम्मान भी जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा

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  • Publish Date - September 4, 2026 / 07:52 PM IST,
    Updated On - September 4, 2026 / 07:52 PM IST

(पूनम मेहरा)

नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को जागरूकता कार्यक्रम के दौरान दबाव वाले माहौल में सहानुभूति और आपसी सम्मान के महत्व के बारे में भी बताया जाएगा।

भारत के 768 सदस्यीय दल में 503 खिलाड़ी और 246 सहयोगी स्टाफ के सदस्य शामिल हैं। इन सभी को एक या दो दिन में खेलों के लिए आचार संहिता प्राप्त हो जाएगी। इसमें यह बताया जाएगा कि 19 सितंबर से आइची-नागोया में शुरू होने वाले एशियाई खेलों के दौरान उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

पहली बार दल के साथ एक सुरक्षा अधिकारी (सेफगार्डिंग ऑफिसर) जा रहा है जो यहां सुनिश्चित करेगा कि कोई भी सदस्य उपेक्षित महसूस नहीं करें।

दल की सुरक्षा अधिकारी नीतल नारंग ने शुक्रवार को यहां पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘उन्हें जागरूक करने और उन्हें यह समझाने के लिए कि सुरक्षा (सेफगार्डिंग) क्या है, ऑनलाइन सहित कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जागरूक रहना, खुद के बारे में जागरूक रहना, सहानुभूति रखना, एक-दूसरे का सम्मान करना। मेरा मतलब है कि ये बहुत ही बुनियादी बातें हैं। ये चीजें पूरी दुनिया में होती हैं। लोग कभी-कभी बहुमत या ताकतवर का साथ देते हैं। ऐसे में किसी ऐसे व्यक्ति की उपेक्षा हो सकती है जो कि कमजोर कड़ी हो।’’

उन्होंने बताया, ‘‘हमारा मानना है कि जब आप एक टीम के रूप में काम कर रहे होते हैं तो आप न केवल अपने लिए जिम्मेदार होते हैं, बल्कि आप अपने आसपास मौजूद हर किसी के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।’’

एशियाई ओलंपिक परिषद ने सभी देशों की टीम के साथ सुरक्षा अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य कर रखी है। नारंग ने कहा कि वह मुख्य रूप से परेशान लोगों को परामर्श देने पर ध्यान केंद्रित करेंगी, हालांकि उनकी भूमिका में किसी भी व्यक्ति द्वारा बार-बार उल्लंघन करने के सबूत इकट्ठा करना भी शामिल होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिनिधिमंडल को पूर्व-जानकारी दी जाएगी, जिसमें उन्हें सुरक्षा पहल के बारे में बताया जाएगा और यह भी बताया जाएगा कि ‘सेफगार्डिंग ऑफिसर’ यात्रा क्यों कर रहे हैं और किससे संपर्क करना है। संपर्क करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर और एक ईमेल आईडी भी उपलब्ध कराई जाएगी।’’

नारंग ने कहा, ‘‘यह सब कुछ हमारे बीच गोपनीय रहेगा। फिर दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी, सबूत जुटाना शुरू होगा। मान्यता (एक्रेडिटेशन) निलंबित भी हो सकती है। इसलिए यह इतना गंभीर मामला है। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है कि यह सुरक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि असल में इसे पूरी तरह और सही भावना के साथ लागू किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आचार संहिता है जिस पर आइची-नागोया की यात्रा करने वाले दल के प्रत्येक व्यक्ति को हस्ताक्षर करने होंगे। हमारा मकसद सुरक्षित खेल, सुरक्षित वातावरण और एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है जहां खिलाड़ी को लगे कि मुझे यहां सिर्फ प्रदर्शन करना है। मेरे दिमाग पर किसी तरह का तनाव नहीं होना चाहिए।’’

भाषा

पंत नमिता

नमिता