ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की महिला फुटबॉल टीम की दो और सदस्यों को शरण दी )

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ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की महिला फुटबॉल टीम की दो और सदस्यों को शरण दी )

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  • Publish Date - March 11, 2026 / 09:50 AM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 09:50 AM IST

गोल्ड कोस्ट (ऑस्ट्रेलिया), 11 मार्च (एपी) ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने बुधवार को कहा कि ईरान की महिला फुटबॉल टीम की दो और सदस्यों को ऑस्ट्रेलिया में शरण दी गई है।

बर्क ने कैनबरा में पत्रकारों को बताया कि ईरान की पांच खिलाड़ियों को पहले ही मानवीय आधार पर वीजा दिया गया था। अब इन महिला सदस्यों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। उन्होंने कहा कि टीम की जिन नयी दो सदस्यों को शरण दी गई है उनमें एक खिलाड़ी और एक सहयोगी स्टाफ की सदस्य है। इन दोनों ने उनकी टीम के अन्य सदस्यों को हवाई अड्डा ले जाने से पहले ही शरण मांगी थी।

टीम के बाकी सदस्य सिडनी से ईरान जाने वाली उड़ान में मंगलवार देर रात सवार हुए। इस बीच टीम के होटल और हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन हुए। ईरानी मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने ईरान में टीम की सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए महिलाओं को देश छोड़ने से रोकने की कोशिश की। टीम के रवाना होने से पहले भी महिला खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों के सामने शरण की पेशकश की गई थी।

ईरान युद्ध शुरू होने से ठीक पहले पिछले महीने एएफसी महिला एशियाई कप में भाग लेने के लिए ईरानी टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी। उसकी टीम टूर्नामेंट से जल्द बाहर हो गई जिसके बाद टीम को अपने देश लौटना था जहां युद्ध के कारण हालात खराब हैं।

ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली ईरान की टीम में 26 खिलाड़ी तथा सहयोगी स्टाफ के सदस्य शामिल थे। बर्क ने कहा कि टीम के सभी सदस्यों को शरण का प्रस्ताव दिया गया था।

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बुधवार को यह खुलासा किया कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए अंतिम प्रयास किए कि टीम का प्रत्येक सदस्य शरण लेने के प्रस्ताव पर विचार कर सके। बर्क ने कहा कि जब महिलाएं सुरक्षा जांच से गुज़र रही थीं तो उन्हें ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों और दुभाषियों से बात करने के लिए व्यक्तिगत रूप से अलग ले जाया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया ने यह प्रस्ताव इसलिए दिया क्योंकि हम इन महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रभावित हैं। ऑस्ट्रेलिया ने जो विकल्प दिया है, उस पर अमल करना आपका फैसला है। यह एक ऐसा विकल्प है जिस पर हर व्यक्ति का अधिकार होना चाहिए।’’

ऑस्ट्रेलिया में ईरानी समूहों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया की सरकार से उन महिलाओं की मदद करने का आग्रह किया था, जो सार्वजनिक रूप से शरण नहीं मांग पा रही हैं। टीम की खिलाड़ियों ने अपने शुरुआती मैच से पहले ईरान का राष्ट्रगान नहीं गाया था जिसके बाद कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थी।

ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार देश के फुटबाल महासंघ ने इसे ट्रंप का ‘फुटबॉल में प्रत्यक्ष राजनीतिक हस्तक्षेप’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्थाओं से इसकी समीक्षा करने का अनुरोध किया था। उसने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाई से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में 11 जून से शुरू होने वाले विश्व कप में व्यवधान पड़ सकता है।

एपी सिम्मी पंत

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