अक्षर ने चतुराई से पाकिस्तान के बल्लेबाजों को दिया चकमा

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अक्षर ने चतुराई से पाकिस्तान के बल्लेबाजों को दिया चकमा

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 03:15 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 03:15 PM IST

(तस्वीरों के साथ) … जी उन्नीकृष्णन …

कोलंबो, 16 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान की पारी के 11वें ओवर की चौथी गेंद के बाद अक्षर पटेल अपनी बाहें फैलाकर चेहरे पर संतोष भरी मुस्कान के साथ खड़े थे। इस भारतीय हरफनमौला ने आईसीसी टी20 विश्व कप में सोमवार को यहां खेले गये ग्रुप ए के अहम मैच में इस गेंद पर पाकिस्तान के सर्वोच्च स्कोरर उस्मान खान (44) को इशान किशन से स्टंप कराया था। जीत के लिए 176 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही पाकिस्तान की टीम का स्कोर उस्मान के आउट होने के बाद पांच विकेट पर 73 रन हो गया था और इसके साथ ही भारत की जीत लगभग पक्की हो गयी थी। मैच के नजरिए से देखें तो इस खब्बू स्पिनर का जश्न इस एहसास का परिणाम था कि उन्होंने लगभग पाकिस्तान की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। इसके पीछे हालांकि आत्मसंतुष्टि की भावना भी छिपी हो सकती है। उस्मान ने अपनी 34 गेंदों की पारी में अक्षर के खिलाफ छह चौके जड़े थे, जिसमें दो मौकों पर लगातार चौके भी शामिल थे। लेकिन उनके आउट होने का क्षण ज्यादा नाटकीय नहीं था। यह गेंद कुलदीप यादव या वरुण चक्रवर्ती की बड़े टर्न के साथ बल्लेबाज को चकमा देने वाली गेंद नहीं थी। अक्षर वैसे भी गेंद को बहुत ज्यादा टर्न कराने की जगह लेंथ में चतुराई से बदलाव कर बल्लेबाजों की परीक्षा लेते हैं। अक्षर ने उस्मान के आगे बढ़कर खेलने के प्रयास को भांपते हुए अपनी लेंथ हल्की सी पीछे खींची। पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज ने बल्ला घुमाया लेकिन लेकिन गेंद और बल्ले का संपर्क नहीं हुआ और बाकी काम किशन ने स्टंप के पीछे आसानी से पूरा कर दिया। अक्षर ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में अपनी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “असल में विकेट पर कुछ गेंदें ज्यादा ‘स्कीड’ कर रही थीं और कुछ ज्यादा स्पिन ले रही थीं। जब हम दूसरी पारी में गेंदबाजी करने आए तो मैंने महसूस किया कि नयी गेंद थोड़ी ज्यादा स्किड कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरी योजना यह भांपने की थी कि बल्लेबाज क्या करना चाहता है और किस क्षेत्र में मुझे निशाना बनाना चाहता है। उसके बाद मैं अपनी लाइन या लेंथ बदलता हूं। उस्मान का विकेट तब मिला जब वह आगे बढ़कर खेल रहे थे, इसलिए मैंने फिर अपनी लेंथ पर गेंद डाली। मैं इसी तरह योजना बनाता हूं।” अक्षर ने इसके कुछ मिनट पहले ही बाबर आजम की 16 मिनट की संघर्षपूर्ण पारी का भी अंत किया था। बाबर की बड़े शॉट खेलने की बेचैनी को भांपते हुए 32 वर्षीय गेंदबाज ने ऑफ स्टंप पर फुल लेंथ की गेंद डाली और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान उसके जाल में फंस गए। दबाव कम करने के इरादे से खेला गया उनका आक्रामक स्लॉग स्वीप सीधे विकेट पर पर जा लगा। अक्षर के बचपन के कोच अमरीश पटेल ने कहा, ‘‘वह  हमेशा बड़े दिल वाला खिलाड़ी रहा है। उसकी सबसे बड़ी ताकत परिस्थितियों को भांप कर उसी मुताबिक योजना लागू करने की है। उसे अपनी ताकत और सीमा के बारे में पता है। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण गुण है।” उन्होंने आगे कहा, “अक्षर गेंदबाजी रनअप में बड़े कदम लेता हैं और वह उनका बेहतरीन उपयोग करता है। वह बिना किसी स्पष्ट संकेत के अपनी लेंथ में तेजी से बदलाव कर सकता है। उसका दिमाग बहुत तेज चलता है।”  अक्षर अपनी बल्लेबाजी में भी यही लचीलापन दिखाते हैं, हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी की जरूरत नहीं पड़ी। रनों की संख्या या बल्लेबाजी क्रम से ज्यादा उनका ध्यान टीम प्रबंधन के निर्देशों का पालन करने पर रहता है। सीमित ओवरों के प्रारूप में वह नंबर चार से लेकर नंबर आठ तक बल्लेबाजी कर चुके हैं। ज्यादातर बल्लेबाज अपने क्रम को लेकर निश्चितता पसंद करते हैं, वहीं अक्षर अनिश्चितता को अलग नजरिए से देखते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ एक हरफनमौला का काम है कि वह किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर सके। अगर टीम को मेरी जरूरत है तो इसका मतलब है कि वे मुझ पर भरोसा कर रहे हैं कि मैं उस परिस्थिति में काम करूंगा और टीम को बाहर निकालूंगा। यह मेरे लिए सकारात्मक बात है। हो सकता है अगले मैच में आप मुझे ऊपर बल्लेबाजी करते भी देखें। इस बारे में कुछ कह नहीं सकता।” टीम को फिलहाल अक्षर की बल्लेबाजी से ज्यादा उनकी चतुराई भरी गेंदबाजी की जरूरत है। टी20 विश्व कप में वह अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं। भाषा आनन्द पंतपंत