ढाका, चार अप्रैल (भाषा) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने सितंबर में भारत के सफेद गेंद के दौरे को बचाने और दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से संपर्क किया है।
दोनों देशों के बीच रिश्ता तब तनावपूर्ण हो गया था जब बीसीबी ने भारत में हुए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप से हटने का फैसला किया था।
ऐसा माना जा रहा है कि बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल का कार्यकाल जल्द ही समाप्त हो सकता है और एक अंतरिम बोर्ड बीसीसीआई के साथ बातचीत शुरू कर सकता है।
माना जाता है कि खेल मंत्रालय के सलाहकार और भारत-विरोधी कट्टरपंथी आसिफ नजरुल बीसीबी को चलाते हैं जिन्होंने ही सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए टीम को भारत नहीं भेजने का फैसला किया था। यह फैसला तब लिया गया जब बीसीसीआई ने मुस्तफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति नहीं दी थी।
बीसीबी ने अनुरोध किया था कि उनके मैच श्रीलंका में स्थानांतरित कर दिए जाएं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को इस तर्क में कोई दम नहीं लगा और उसने भारत में टीम के लिए किसी भी सुरक्षा खतरे की बात को खारिज कर दिया था।
भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंध पारंपरिक रूप से सौहार्दपूर्ण रहे हैं लेकिन हाल के घटनाक्रमों के कारण उनमें काफी खटास आई है।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘हां, बीसीबी ने भारतीय बोर्ड को एक पत्र भेजा है। यह सिर्फ सितंबर में बांग्लादेश के भारत की पुरुष टीम के सफेद गेंद के बारे में ही नहीं है बल्कि अगले साल बीसीबी द्वारा आयोजित किए जाने वाले पुरुषों के 50 ओवर के एशिया कप के बारे में भी है। ’’
यह भी दीगर है कि बीसीबी भारत की मेजबानी करने के लिए बहुत उत्सुक है क्योंकि भारतीय टीम के सफेद गेंद के छह मैच से लीनियर और डिजिटल प्रसारण अधिकारों की बिक्री से होने वाले राजस्व से बोर्ड की इस साल की वित्तीय स्थिति काफी हद तक सुधर जाएगी।
बीसीबी के एजेंडे में शामिल कई मुद्दों में से एक अध्यक्ष बुलबुल के कार्यकाल के दौरान चार निदेशकों के इस्तीफे पर भी चर्चा करना है।
बांग्लादेश क्रिकेट जगत में बुलबुल के पद पर बने रहने को लेकर गहरा असंतोष है क्योंकि उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को टीम को भारत भेजने के लिए मनाने में अपनी असमर्थता व्यक्त की थी।
सूत्र ने कहा, ‘‘टी20 विश्व कप में भाग नहीं लेने के विवाद की जांच कर रही जांच समिति नौ अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि जब वह रिपोर्ट पेश की जाएगी, तब बुलबुल की स्थिति क्या होगी। ’’
उसने कहा, ‘‘इस स्थिति में एक अंतरिम बोर्ड कमान संभालेगा और 90 दिनों के भीतर दोबारा चुनाव होंगे। सभी की नजरें बांग्लादेश के विदेश मंत्री के दिल्ली दौरे पर भी टिकी होंगी। ’’
माना जा रहा है कि बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और देश के महानतम सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल बीसीबी के अध्यक्ष पद के लिए एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं।
भाषा नमिता मोना
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