विदेश में इस्लामी शासन के खिलाफ मुखर ईरानियों ने देश में परिजनों को बंधक बनाए जाने का लगाया आरोप

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विदेश में इस्लामी शासन के खिलाफ मुखर ईरानियों ने देश में परिजनों को बंधक बनाए जाने का लगाया आरोप

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 07:50 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 07:50 PM IST

कहिरा, चार अप्रैल (भाषा) विदेश में रहकर ईरान के इस्लामी शासन के खिलाफ मुखर तरीके से आवाज उठाने वाले कई लोगों ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’को बताया है कि युद्ध के बीच उनके देश की सरकार निर्वासित नेताओं के परिवार के सदस्यों को हिरासत में ले रही है और उनकी संपत्ति जब्त करने की धमकी दे रही है।

निगरानी संस्थाओं के मुताबिक अमेरिका-इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद ईरान सरकार ने देश में बाहरी मीडिया या कार्यकर्ताओं से बात करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अब ऐसा प्रतीत होता है कि यह दबाव निर्वासन में रह रहे कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए है।

पूर्व में राजनीतिक कैदी रहे और पिछले साल यूरोप पहुंचने में सफल हुए हुसैन रज्जाक ने ‘एपी’ को बताया कि तेहरान में खुफिया एजेंट ने 15 मार्च को उनके भाई अली को हिरासत में ले लिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा भाई बिल्कुल भी राजनीतिक व्यक्ति नहीं है और किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होता है। यह मुझे दबाव में लाने के लिए किया जा रहा है।’’

रज्जाक ने बताया कि उनके भाई अली को तेहरान स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया और उस रात ईरान के खुफिया मंत्रालय द्वारा संचालित एक नजरबंदी केंद्र से उसने फोन पर कुछ सेकंड के लिए अपनी पत्नी से बात की थी और उसके बाद से कोई जानकारी नहीं है।

ईरान से भागकर फ्रांस पहुंचने में सफल रहे एक अन्य कार्यकर्ता बेहनम चेगिनी ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय भतीजी को 10 मार्च को एक सप्ताह के लिए हिरासत में लिया गया था। भतीजी को उसके माता-पिता के घर अराक शहर से तब ले जाया गया जब वह तेहरान से लौटी थी, जहां युद्ध के कारण उसका विश्वविद्यालय बंद हो गया था।

उन्होंने बताया कि उनकी भतीजी को जमानत पर रिहा तो कर दिया गया लेकिन उसके आने-जाने पर रोक लगा दी।

चेगिनी ने कहा कि हिरासत में लेने का कारण कम से कम आंशिक रूप से यह था कि ‘‘वह मेरी भतीजी है और वे यह बात जानते हैं’’।

कार्यकर्ता सारेह सेदिघी 2021 में मौत की सजा पलटे जाने के बाद देश छोड़ने में सफल रहीं। उन्होंने बताया कि उनकी मां को पिछले महीने पश्चिमी शहर उर्मिया में उनके घर से हिरासत में लिया गया।

फ्रांस में ही रह रहीं एक अन्य कार्यकर्ता और पूर्व राजनीतिक कैदी महशीद नाजेमी ने बताया कि कम से कम एक दोस्त को हिरासत में लिया गया और उससे संपर्क के बारे में पूछताछ की गई।

ईरान की न्यायपालिका ने देश के शासकों की आलोचना करने वाली सार्वजनिक हस्तियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह कार्रवाई पिछले साल इजराइल के साथ हुए 12 दिवसीय युद्ध के दौरान पारित जासूसी विरोधी कानून के तहत की जा रही है, जो ईरान के दुश्मनों का समर्थन करने वाली मानी जाने वाली मीडिया और सांस्कृतिक गतिविधियों को दंडित करता है।

ईरानी न्यायपालिका के एक प्रवक्ता ने 31 मार्च को सरकारी टेलीविजन चैनल को बताया कि संपत्ति जब्त करने के लिए 200 से अधिक आदेश जारी किए जा चुके हैं या जारी किए जा रहे हैं। कैलिफोर्निया में रहने वाले ईरानी अभिनेता बोरजू अर्ज़मंद को खबरों के माध्यम से जानकारी मिली कि ईरान में उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई है। अर्जमंद 2022 में हुए विरोध प्रदर्शनों के मुखर समर्थन के बाद स्वदेश नहीं लौट पाए हैं। ईरानी अधिकारियों ने उनके बैंक खाते भी ‘सील’ कर दिये हैं।

ईरान की दो अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों के अनुसार देश के बाहर रहने वाली कम से कम तीन अन्य हस्तियों फुटबॉल खिलाड़ी सरदार अजमौन, संगीतकार मोहसेन येघानेह और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली शरीफी जारची की संपत्ति जब्त करने के आदेश दिये गए हैं।

एपी धीरज पवनेश

पवनेश