बीएफआई ट्रायल आधारित प्रणाली पर वापस लौटा, चयन शिविर बुधवार से बहाल होगा

बीएफआई ट्रायल आधारित प्रणाली पर वापस लौटा, चयन शिविर बुधवार से बहाल होगा

बीएफआई ट्रायल आधारित प्रणाली पर वापस लौटा, चयन शिविर बुधवार से बहाल होगा
Modified Date: May 12, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: May 12, 2026 10:13 pm IST

नची दिल्ली, 12 मई (भाषा) राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए मुक्केबाजी चयन शिविर बुधवार को फिर से शुरू होगा क्योंकि भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के भारतीय खेल प्राधिरण (साइ) के निर्देश के बाद ट्रायल आधारित प्रणाली पर वापस लौट आया है।

बीएफआई ने पहले की अंक आधारित मूल्यांकन प्रणाली को खत्म कर दिया है जो साइ को कई मुक्केबाजों से शिकायतें मिलने के बाद समीक्षा में दायरे में आई थी।

नई चयन प्रणाली के तहत मुख्य कोच और चार जज वाला पांच सदस्यीय पैनल मुकाबलों का मूल्यांकन करेगा जिसके नतीजे मुकाबलों के तुरंत बाद घोषित किए जाएंगे।

बीएफआई ने मंगलवार को कहा, ‘‘यह सूचित किया जाता है कि राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मुक्केबाजों का चयन एनएस एनआईएस पटियाला में चल रहे राष्ट्रीय शिविर के एलीट खिलाड़ियों के बीच से 13 से 15 मई 2026 तक किया जाएगा।’’

इसमें कहा कहा, ‘‘खेल विज्ञान परीक्षण, वजन प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रबंधन और उपस्थिति के लिए मिले पहले के स्कोर वापस ले लिए जाएंगे और उन्हें रद्द माना जाएगा।’’

महासंघ की पहले की दो भाग वाली मूल्यांकन प्रक्रिया छह मई को शुरू हुई थी जिसे साइ ने रविवार को निलंबित कर दिया था क्योंकि मुक्केबाजों से प्रस्तावित प्रारूप के बारे में कई शिकायतें मिली थीं।

मूल्यांकन आधारित चयन प्रणाली लंबे समय से समीक्षा के दायरे में है जिसमें कई मुक्केबाजों ने कथित भेदभाव और पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई है।

सोमवार को महिला मुख्य कोच सैंटियागो नीवा और पुरुष मुख्य कोच सीए कुट्टप्पा ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए साइ अधिकारियों से मुलाकात की थी।

खेल मंत्रालय ने बीएफआई को ‘अस्पष्ट’ चयन नीति के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

राष्ट्रमंडल खेले जुलाई-अगस्त में ग्लास्गो में होने हैं जिसके बाद सितंबर-अक्टूबर में जापान के आइची-नागोया में एशियाई खेल होंगे।

अब तक पुरुषों में सचिन सिवाच (60 किग्रा) और महिलाओं में प्रीति पवार (54 किग्रा) और प्रिया घनघास (60 किग्रा) ने पिछले महीने मंगोलिया में हुई एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेले दोनों के लिए क्वालीफाई किया है।

जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने राष्ट्रमंडल खेलों में जगह बनाई है क्योंकि उनके वजन वर्ग एशियाई खेले में शामिल नहीं हैं।

पुरुषों के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वीकृत वजन वर्ग 55 किग्रा, 60 किग्रा, 65 किग्रा, 70 किग्रा, और 90 किग्रा से अधिक हैं। महिलाओं के लिए 51 किग्रा, 54 किग्रा, 57 किग्रा, 60 किग्रा, 65 किग्रा, 70 किग्रा और 75 किग्रा वर्ग में मुकाबले होंगे।

एशियाई खेलों में पुरुष मुक्केबा 55 किग्र, 60 किग्रा, 70 किग्रा, 80 किग्रा, 90 किग्रा और 90 किग्रा से अधिक वर्ग में मुकाबला करेंगे जबकि महिलाओं का ड्रॉ 51 किग्रा, 54 किग्रा, 60 किग्रा, 65 किग्रा और 75 किग्रा वर्ग का होगा।

भाषा सुधीर मोना

मोना


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