ब्लिचफेल्ट ने नये आयोजन स्थल की आलोचना की, बीएआई ने किया खंडन

ब्लिचफेल्ट ने नये आयोजन स्थल की आलोचना की, बीएआई ने किया खंडन

ब्लिचफेल्ट ने नये आयोजन स्थल की आलोचना की, बीएआई ने किया खंडन
Modified Date: January 13, 2026 / 09:10 pm IST
Published Date: January 13, 2026 9:10 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने इंडिया ओपन के नये आयोजन स्थल आईजी स्टेडियम में खेलने के हालात की आलोचना करते हुए कहा कि हॉल बदलने से खिलाड़ियों के लिये अस्वास्थ्यकर हालात में सुधार नहीं आया है हालांकि भारतीय बैडमिंटन संघ ने इसका खंडन किया है।

भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने अगस्त में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप को ध्यान में रखकर इस साल इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट केडी जाधव हॉल की बजाय इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कराया है । भारत 17 साल बाद विश्व चैम्पियनशिप की मेजबानी कर रहा है ।

ब्लिचफेल्ट ने मीडिया से कहा,‘‘ मैं कोर्ट के हालात से खुश हूं लेकिन स्वास्थ्य हालात से नहीं ।’’

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दूसरे दौर में पहुंची दुनिया की 20वें नंबर की इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ मैं उम्मीद कर रही थी कि यहां दूसरे हॉल से बेहतर हालात होंगे लेकिन यह अभी भी बहुत गंदा है और खिलाड़ियों की सेहत के लिये अच्छा नहीं है । हर कोई दो पतलून, जैकेट, दस्ताने और हैट पहनकर वॉर्म अप कर रहा है ।’’

उन्होंने कहा कि ठंड और अस्वच्छ माहौल ने खिलाड़ियों की मुश्किलें बढा दी है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ कोर्ट पर जाकर तेजी से खेलने की तैयारी कर रहे खिलाड़ी के लिये यह वॉर्मअप की आदर्श स्थिति नहीं है । मैं जानती हूं कि हर कोई पूरे प्रयास कर रहा है कि हालात बेहतर हों लेकिन अभी लंबा सफर तय करना है ।’’

वहीं बीएआई के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा ,‘‘ मिया ने खेलने के आम हालात और निजी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत को लेकर व्यापक संदर्भ में बात कही थी । वह योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन के खेल परिसर के बारे में नहीं बोल रही थी ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि प्रतिस्पर्धा के स्थल का रखरखाव अच्छा है । वॉर्म अप इलाके को लेकर उनकी बातचीत से साफ है कि वह केडी जाधव स्टेडियम के बारे में बोल रही थी जो अभ्यास का स्थल है , मुख्य प्रतिस्पर्धा स्थल नहीं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ वह धूल और पर्यावरण संबंधी पहलुओं को लेकर अधिक संवेदनशील हैं और अपनी निजी राय बता रही थी कि कैसे हालात से कई बार उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है । प्रतिस्पर्धा स्थल साफ, धूलरहित है और वहां कोई कबूतर नहीं है ।’’

जनवरी में इंडिया ओपन केडी जाधव हॉल में खेला गया था और तब भी ब्लिचफेल्ट ने हालात को अस्वीकार्य और अस्वास्थ्यकर बताया था ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हालात में कोई बदलाव नहीं आया है ।कल मैं अभ्यास कोर्ट पर आई तो चिड़िया उड़ रही थी और कोर्ट पर बीट कर रही थी । यह सेहत के लिये अच्छा और सामान्य नहीं है । इन हालात में खेलने के लिये कई खिलाड़ी तैयार नहीं होंगे । विश्व बैडमिंटन महासंघ को देखना होगा कि हालात में सुधार हो ।’’

उन्होंने हालांकि खेलने के परिसर पर संतोष जताते हुए कहा ,‘‘यह काफी अच्छा है और बहुत बड़ा है । मुझे इस तरह के हालात में खेलना पसंद है ।मैं कोर्ट से खुश हूं लेकिन अस्वास्थ्यकर हालात से नहीं ।’’

उन्होंने अगस्त में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप से पहले आयोजकों और विश्व बैडमिंटन महासंघ से दखल की मांग करते हुए कहा ,‘‘ मुझे नहीं लगता कि बहुत से खिलाड़ी इन हालात में खेलना चाहेंगे ।उम्मीद है कि टूर्नामेंट से जुड़े सभी लोग और बीडब्ल्यूएफ इस पर गौर करेगा । अगर इन हालात में कोई खिलाड़ी बीमार या चोटिल हो जाता है तो यह अनुचित होगा ।’’

कनाडा की मिचेले लि ने भी कहा कि कड़ाके की ठंड में अभ्यास मुश्किल हो रहा है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ यहां काफी ठंडा है और अभ्यास करना कठिन है । यह इतना बड़ा है कि दो बार मैं रास्ता भूल चुकी हूं । यह दूसरे हॉल से ज्यादा ठंडा है ।’’

पूर्व विश्व चैम्पियन रेचानोक इंतानोन ने भी कहा ,‘‘ हमें हीटर्स की जरूरत है । हम कोर्ट पर जाने की तैयारी इतनी ठंड में कैसे करें । मुझे नहीं पता कि विश्व चैम्पियनशिप के दौरान मौसम कैसा होगा । उम्मीद है कि तब इतनी ठंड नहीं होगी ।’’

भाषा

मोना

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