बडे स्कोर वाले आईपीएल में गेंदबाजी की मुश्किलें बढ़ी: पाटीदार
बडे स्कोर वाले आईपीएल में गेंदबाजी की मुश्किलें बढ़ी: पाटीदार
… अमनप्रीत सिंह …
धर्मशाला, 25 मई (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान रजत पाटीदार ने सोमवार को माना कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में लगातार 200 से अधिक रन बनने के दौर में गेंदबाजों के लिए प्रभावी बने रहना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने इसके साथ ही आईपीएल फाइनल को बेंगलुरु से अहमदाबाद स्थानांतरित किए जाने के विवाद पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया। पाटीदार ने मंगलवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले पहले क्वालीफायर मुकाबले की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में कहा कि अब 220 से 250 रन का स्कोर भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता और यह स्थिति खासकर तेज गेंदबाजों के लिए चिंता का विषय बन गई है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाजों के लिए चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है। विकेट बल्लेबाजी के अनुकूल हैं, मैदानों की बाउंड्री छोटी हैं और ओस भी बड़ी भूमिका निभाती है। खासकर तेज गेंदबाजों के लिए छोटी सी गलती भी छह रन में बदल जाती है।” उन्होंने कहा, “हमें हालांकि जैसी भी पिच और परिस्थितियां मिलें, हम उसी में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। विकेट कैसे होने चाहिए, यह तय करना मेरे हाथ में नहीं है।” आईपीएल फाइनल को बेंगलुरु से अहमदाबाद स्थानांतरित किए जाने के सवाल पर पाटीदार ने संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है, इसलिए फाइनल जहां भी होगा, वहीं खेला जाएगा। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान फाइनल में पहुंचने पर है।” भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने परिचालन संबंधी कारणों, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों, टिकटों की अत्यधिक मांग और भीड़ प्रबंधन की चिंताओं को देखते हुए खिताबी मुकाबला अहमदाबाद में कराने का फैसला किया है। लीग चरण में समान अंक हासिल करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस अब फाइनल में सीधे प्रवेश के लिए भिड़ेंगी। पाटीदार ने इसे दो संतुलित टीमों के बीच मुकाबला करार दिया। उन्होंने कहा, “दोनों टीमों ने पूरे सत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। मैच वाले दिन जो टीम अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करेगी और दबाव में धैर्य तथा एकाग्रता बनाये रखेगी, वही जीत दर्ज करेगी।” पाटीदार ने साफ किया कि टूर्नामेंट में लगातार बड़े स्कोर बनने के बावजूद आरसीबी अपनी आक्रामक रणनीति नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा, “हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी गेंदबाजी है। पावरप्ले में जिस तरह हम गेंदबाजी करेंगे, वह बेहद अहम होगा। टीम का हर खिलाड़ी जानता है कि हम यहां सिर्फ बचाव करने नहीं, बल्कि आक्रमण करने की मानसिकता के साथ आए हैं।” इस दायें हाथ के बल्लेबाज ने कहा, “हम शुरुआती विकेट हासिल करने की कोशिश करेंगे और अब तक यही हमारी सफलता की कुंजी रही है। लगातार एक जैसी सोच और रणनीति पर अमल करना ही अंतर पैदा करेगा।” उन्होंने भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड और रसिक सलाम की तेज गेंदबाजी तिकड़ी की भी जमकर तारीफ की। इंग्लैंड में उंगली का इलाज कराकर लौटे सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट की उपलब्धता पर पूछे गए सवाल का पाटीदार ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “वह फिट हैं और अभ्यास भी कर रहे हैं, लेकिन हमने अभी अंतिम एकादश तय नहीं की है।” गुजरात टाइटंस के सहायक कोच विजय दहिया ने भी इस मुकाबले को दो मजबूत और संतुलित टीमों की टक्कर बताया। उन्होंने कहा, “जब आप इसे मुकाबला कहते हैं तो निश्चित रूप से यह बड़ा संघर्ष होने वाला है। इस सत्र में दोनों टीमों का आमना-सामना दो बार हुआ है और दोनों ने एक-एक मैच जीता है। दोनों टीमों में अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं और दोनों टीमें बराबरी की नजर आती हैं।” दहिया ने कहा कि बड़े स्कोर वाले इस सत्र में निरंतर प्रभावी गेंदबाजी ही किसी टीम की असली ताकत साबित हो रही है। उन्होंने कहा, “दिन के अंत में आपके पास मजबूत गेंदबाजी इकाई होना जरूरी है। दोनों टीमों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उनके गेंदबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और कप्तान व टीम प्रबंधन को उन पर पूरा भरोसा है।” उन्होंने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और कोच आशीष नेहरा के मार्गदर्शन में तेज गेंदबाजों के तालमेल की भी सराहना की। दहिया ने कहा, “गेंदबाजों के बीच आपसी समझ शानदार है। वे मानसिक और तकनीकी दोनों स्तर पर एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं। जिस तरीके से आशीष नेहरा उन्हें संभालते हैं, उसका काफी श्रेय उन्हें जाता है।” भारत के इस पूर्व विकेटकीपर ने कहा कि धर्मशाला की ऊंचाई और छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के लिए मददगार होंगी, लेकिन अनुभवी स्पिनर भी यहां असरदार हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “यहां स्पिनरों की भूमिका सीमित रहती है क्योंकि मैदान ऊंचाई पर स्थित है और बाउंड्री छोटी हैं, लेकिन कौशल वाले स्पिनर हमेशा योगदान देने का तरीका ढूंढ लेते हैं।” उन्होंने कहा कि अनुभवी राशिद खान चोट और सर्जरी के बाद मुश्किल दौर से उबरकर अपनी लय हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “इतनी उपलब्धियां हासिल करने के बाद भी उनके भीतर खुद को बेहतर बनाने की भूख कायम है। जब वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थे, तब गुजरात टाइटंस ने उनका पूरा समर्थन किया और अब वह टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।” भाषा आनन्द सुधीरसुधीर

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