मियामी गार्डन्स , 23 जून (एपी) विश्व कप शुरू होने से पहले किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि पांच लाख की आबादी वाला छोटा सा देश केप वर्दे तमाम कयासों को धता बताते हुए नॉकआउट चरण में पहुंचने की दहलीज पर होगा और इसके लिये उसे महज एक जीत या ड्रॉ की जरूरत है ।
सउदी अरब को शुक्रवार को होने वाले मैच में हराकर डेढ करोड़ के नये इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाला यह देश फुटबॉल के महासमर के अंतिम 32 में पहुंच जायेगा । यही नहीं मैच ड्रॉ रहने पर भी उसकी जगह पक्की हो जायेगी ।
डिफेंडर रॉबर्टो लोपेस ने कहा ,‘‘ यह हमारे हाथ में है । हमें इस मौके को भुनाना है ।’’
पहले ही मैच में यूरो चैम्पियन स्पेन जैसे दिग्गज को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर केप वर्दे ने फुटबॉल जगत को चौंका दिया था । इसके बाद उरूग्वे को 2 . 2 से ड्रॉ पर रोका । पहली बार विश्व कप खेल रही इस टीम को अभी भी पहली जीत का इंतजार है लेकिन उसकी स्थिति बुरी नहीं है ।
स्पेन चार अंक लेकर ग्रुप एच में शीर्ष पर है । उरूग्वे और केप वर्दे के दो दो अंक है जबकि सउदी अरब के एक अंक है । हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें और 12 ग्रुप में तीसरे स्थान की आठ सर्वश्रेष्ठ टीमें अंतिम 32 में पहुंचेंगी ।
सउदी अरब को हराने पर केप वर्दे के पांच अंक हो जायेंगे जिससे उसका शीर्ष दो में रहना तय है । ड्रॉ होने पर उसके तीन अंक होंगे और अगर स्पेन उरूग्वे को हरा देता है तो भी वह दूसरे स्थान पर रहेगा ।
केप वर्दे के बैकअप गोलकीपर सीजे दोस सांतोस ने कहा ,‘‘एक समय में एक ही मैच । हमारे लिये यह अगली चुनौती है ।’’
अगर केप वर्दे सउदी अरब को हरा देता है तो अंतिम 32 में मुकाबला गत चैम्पियन अर्जेंटीना और लियोनेल मेस्सी से होगा ।
इस मैच की कल्पना भी रोमांचित करने के लिये काफी है । एक तरफ फुटबॉल का सबसे बड़ा सितारा मेस्सी और दूसरी तरफ एक ऐसी टीम जो संघर्षों से यहां तक पहुंची है । जिसके 40 साल के स्टार गोलकीपर वोजिन्हा को खेलते देखने के लिये उनकी मां को बड़ी मुश्किल से अमेरिका का वीजा मिल सका ।
टीम के आधे से अधिक खिलाड़ी केप वर्दे के बाहर पैदा हुए थे । उरुग्वे के खिलाफ गोल करने वाले केविन पिना ने अपनी जवानी का कुछ समय मैसाचुसेट्स में बिताया, जहां अमेरिका में केप वर्दे के लोगों की सबसे बड़ी आबादी रहती है।
इसका कारण यह है कि 1800 के दशक में केप वर्दे के लोगों को अटलांटिक महासागर में व्हेल का शिकार करने वाले अमेरिकी जहाजों पर काम मिला और वे धीरे धीरे मैसाचुसेट्स या रोड आइलैंड जैसे बंदरगाह वाले शहरों में बस गए ।
केप वर्दे के कोच बुबिस्ता ने कहा ,‘‘ हम प्रवासियों के देश से हैं । हम चाहते हैं कि हर बच्चा और हर युवा अपने देश की नुमाइंदगी में फख्र महसूस करे । हम चाहते हैं कि हमारी सफलता से प्रेरित होकर उनमें भी केप वर्दे के लिये खेलने की इच्छा जगे ।’’
एपी
मोना
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