केप वर्दे के साहस का सामना अब मेस्सी और अर्जेंटीना के कौशल से
केप वर्दे के साहस का सामना अब मेस्सी और अर्जेंटीना के कौशल से
मियामी गार्डंस , तीन जुलाई (एपी) अर्जेंटीना के पास विश्व कप खिताब हैं, दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी है, फुटबॉल का समृद्ध इतिहास है और सितारों से भरी टीम भी ।
लेकिन केप वर्दे के पास इनमें से कुछ नहीं है ।
विश्व कप में अंतिम 32 के इस बेमेल मुकाबले में हार्ड रॉक स्टेडियम पर गत चैम्पियन अर्जेंटीना एक ऐसी टीम से भिड़ेगी जिसके पास खोने के लिये कुछ नहीं है । उसे अपेक्षाओं के बोझ से भी नहीं जूझना है ।
केप वर्दे के बैकअप डिफेंडर लानिक दोस सांतोस तावारेस ने कहा ,‘‘ मुझे लगता है कि हम यहां कमाल कर सकते हैं ।’’
अगर केप वर्दे जीत जाता है तो यह फुटबॉल ही नहीं बल्कि खेल के इतिहास के सबसे बड़े उलटफेर में से एक होगा । इससे पहले मॉस्को ओलंपिक 1980 में ऐसा ही चमत्कार देखने को मिला था जब अमेरिका की युवा आइस हॉकी टीम ने अपराजेय मानी जा रही सोवियत संघ की टीम को हराकर स्वर्ण पदक जीता था ।
जब टूर्नामेंट के ड्रॉ निकाले गए थे तो अर्जेंटीना को इस दौर में स्पेन या उरूग्वे से भिड़ने की उम्मीद थी । ग्रुप जे में शीर्ष पर रही तीन बार की चैम्पियन अर्जेंटीना ग्रुप एच की उपविजेता से भिड़ने वाली थी जो स्पेन या उरूग्वे हो सकते थे ।
लेकिन फिर आया केप वर्दे । पांच लाख की आबादी वाला छोटा सा देश जिसके 40 बरस के गोलकीपर वोजिन्हा ने कमाल कर दिया । उनकी मां को ग्रुप चरण के मैच देखने अमेरिका का वीजा लेने के लिये काफी मशक्कत करनी पड़ी थी । इस टीम ने स्पेन जैसे दिग्गज को ड्रॉ पर रोककर सनसनी फैला दी ।
2010 चैम्पियन स्पेन नॉकआउट में पहुंचा लेकिन दो बार का चैम्पियन उरूग्वे नहीं । केप वर्दे को मेस्सी की अर्जेंटीना से खेलने का मौका मिला ।
केप वर्दे के कोच बुबिस्ता ने कहा ,‘‘हमारे इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण मुकाबला । हम इसका पूरा मजा लेंगे ।हम तुक्के में यहां तक नहीं पहुंचे हैं बल्कि अच्छा खेलकर आये हैं ।हम दुनिया को दिखा देना चाहते हैं कि केप वर्दे के फुटबॉल में कितना दम है ।’’
केप वर्दे ने एक भी मैच नहीं जीता है और तीन ड्रॉ के दम पर यहां तक पहुंची है । वहीं अर्जेंटीना ने तीनों मैच जीते हैं और तीनों में मेस्सी ने गोल दागे हैं ।
एपी मोना पंत
पंत

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