नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने भारतीय खेलों में डोपिंग की समस्या से निपटने के लिए पहल की है। उन्होंने अपनी फाउंडेशन के जरिए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं जिसका मकसद खिलाड़ियों को डोपिंग के खिलाफ जागरूक करना है।
शुक्रवार को यहां आईओए खिलाड़ी फोरम में चोपड़ा ने एक वीडियो संदेश के जरिए नीरज चोपड़ा फाउंडेशन और आईओए के बीच इस पहल की घोषणा की।
चोपड़ा ने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि बच्चे बड़े पदक जीतने के लिए डोपिंग के जरिए अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं। लेकिन अपनी कहानी से मैं आपको बता सकता हूं कि मुझे ओलंपिक पदक तक पहुंचने में 10 साल लगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खेलों में कुछ हासिल करने के लिए सब्र की जरूरत होती है। मैं देख रहा हूं कि आज के बच्चों में इसकी कमी है। वे चीजें जल्दी हासिल करना चाहते हैं। एक साल में ही 80 मीटर का लक्ष्य पार करना चाहते हैं। ऐसा करने में पांच साल लगते हैं।’’
इस दो बार के ओलंपिक पदक विजेता ने कहा, ‘‘कभी-कभी बच्चे ऐसे सप्लीमेंट ले लेते हैं जिनमें मिलावट हो सकती है। जब मैं जूनियर था तो जब भी डोपिंग प्रतिबंध के बारे में सुनता था तो बर्बाद हुए समय को देखकर बहुत हैरान होता था। मैंने तभी खुद से वादा किया था कि मैं कभी यह रास्ता नहीं अपनाऊंगा।’’
भारत पिछले तीन वर्षों से विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की सबसे अधिक डोप उल्लंघन करने वालों की सालाना सूची में सबसे ऊपर रहा है।
भाषा सुधीर पंत
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