(अजय मसंद)
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री को करारा झटका लगा है क्योंकि सिर्फ छह विदेशी टीमें ही यहां पहुंच सकी हैं जबकि पहले करीब 30 ने भागीदारी की पुष्टि की थी ।
भारतीय टीम से जुड़े कोचों ने कहा कि खाड़ी में जारी संघर्ष और रमजान के कारण भागीदार देशों की संख्या में कटौती हुई है । पिछले साल पहले विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में 18 विदेशी टीमें यहां पहुंची थी लेकिन इस बार संख्या बहुत कम है ।
ग्रां प्री में 257 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं । भारत के 219 प्रतियोगी इसमें भाग लेंगे । रूस के 40 पैरा एथलीट भाग ले रहे हैं जबकि बाकी देशों का दल बहुत छोटा है ।
एक मशहूर पैरा एथलीट के कोच ने कहा ,‘‘ खाड़ी में जारी संघर्ष और रमजान का इस पर काफी असर पड़ा है । सात से आठ मुस्लिम देशों ने रमजान के कारण टीम नहीं भेजी है । अंतरराष्ट्रीय पैरालम्पिक समिति के कई अधिकारी भी भारत के लिये उड़ान नहीं मिलने के कारण पहुंच नहीं पाये ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ अधिकांश कनेक्टिंग फ्लाइट दुबई या खाड़ी के देशों से आती है और व्यवधान के कारण खिलाड़ियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी ।’’
दुबई में हुई पहली विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में 53 देशों ने भाग लिया था लेकिन भारत में मेजबान खिलाड़ियों का ही दबदबा रहा और बहुत कम विदेशी टीमें आने से कई प्रतिस्पर्धाओं में भारत ने ‘क्लीन स्वीप’ किया ।
एक अन्य कोच ने कहा ,‘‘ दुबई में हुई ग्रां प्री में कोई मसला नहीं था और भारत ने भी 59 सदस्यीय दल भेजा था । इस बार ऐन मौके पर अधिकांश नाम वापिस लिये गए हैं ।’’
भारतीय पैरालम्पिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झझाडिया ने कहा ,‘‘रमजान और खाड़ी में संघर्ष के कारण भागीदारी कम है । कई प्रतिस्पर्धायें रद्द करनी पड़ी लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं जो अच्छी बात है ।’’
भाषा
मोना नमिता
नमिता