मैदान पर संदेश पहुंचाने में क्रिकेट अन्य खेलों से पीछे, बटलर ने ‘वॉकी-टॉकी’ इस्तेमाल पर कहा

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मैदान पर संदेश पहुंचाने में क्रिकेट अन्य खेलों से पीछे, बटलर ने ‘वॉकी-टॉकी’ इस्तेमाल पर कहा

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 04:15 PM IST

मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) इंग्लैंड के सीनियर बल्लेबाज जोस बटलर ने कहा कि मैदान पर खिलाड़ियों तक संदेश पहुंचाने के मामले में क्रिकेट अन्य खेलों की तुलना में अभी पीछे है।

यह बयान उन्होंने उस घटना के बाद दिया, जब इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रैंडन मैकुलम को नेपाल के खिलाफ टी20 विश्व कप मुकाबले के दौरान ‘ड्रिंक्स ब्रेक’ में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक से वॉकी-टॉकी के जरिए बात करते हुए देखा गया।

अन्य खेलों में जैसे फॉर्मूला वन में रेस इंजीनियर रेडियो के जरिए रियल-टाइम में ड्राइवरों को रणनीति, इंजन सेटिंग, टायर प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देते हैं। फुटबॉल में भी मैनेजर साइडलाइन से खिलाड़ियों से संवाद कर सकते हैं।

इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में कि क्या ‘वॉकी-टॉकी’ का इस्तेमाल मैकुलम के मैदान पर सीधे हस्तक्षेप करने वाली कोचिंग शैली का हिस्सा है, बटलर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वॉकी-टॉकी तो काफी समय से मौजूद हैं। लेकिन टीम में ऊपर से नीचे तक संवाद हमेशा अच्छा रहा है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैकुलम आराम से बैठकर, चश्मा लगाकर शांत दिख सकते हैं, लेकिन मैंने जिनके साथ काम किया है, वह उनमें सबसे तेज दिमाग वाले कोच में से एक हैं। उनसे कुछ भी नहीं छूटता। ’’

बटलर ने कहा, ‘‘ क्रिकेट में अब कोच ‘रियल-टाइम’ में ज्यादा शामिल हो रहे हैं। मैं आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिए खेला हूं, वहां आशीष नेहरा बाउंड्री लाइन पर काफी सक्रिय रहते हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ऐसा लगता है कि क्रिकेट अब भी इस मामले में थोड़ा पीछे है। जब आप अन्य खेलों, जैसे रग्बी को देखते हैं तो वहां मैनेजर और कोच लगातार संदेश भेजते रहते हैं। शायद आने वाले समय में क्रिकेट में भी यह और बढ़े। ’’

मैच के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ी विल जैक्स ने मैकुलम के इस तरीके को कप्तान या बीच में बल्लेबाजों तक जानकारी पहुंचाने का ‘सरल और प्रभावी तरीका’ बताया।

पूर्व कप्तान बटलर ने कहा कि नेपाल के खिलाफ करीबी मुकाबला इस बात का सबूत है कि टी20 मैच उम्मीद से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘टी20 विश्व कप या सामान्य तौर पर टी20 क्रिकेट में खेल बहुत करीबी होता है। एक या दो खिलाड़ी किसी भी दिन मैच जिता सकते हैं। आखिरकार, हमने जीत का रास्ता ढूंढ लिया, जो सबसे अहम है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘परिणामों के मायने अलग होते हैं इसलिए सीख रहे हैं कि भावनाओं को किस तरह संभालें। क्रिकेट वही है, लेकिन दबाव और नतीजों का असर अलग होता है। अगर आप दबाव में भी अपने कौशल को सही तरीके से लागू कर पाते हैं तो यह एक अच्छी सीख है। ’’

भाषा नमिता पंत

पंत