Divorced daughters pension scheme approved Madhya Pradesh || Image- Symbolic
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बजट सत्र से पहले मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक (Divorced daughters pension scheme approved Madhya Pradesh) संपन्न हुई। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश के MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि ये निर्णय प्रदेश के विकास और आर्थिक सुधारों को गति देने में मदद करेंगे। मंत्रियों ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े योजनाओं और नीतियों पर भी हरी झंडी दी।
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय पेंशन नीति को लेकर लिया गया। कैबिनेट ने पेंशन योजना 2026 को मंजूरी दी। अब पेंशन नीति में यह प्रावधान है कि पेंशन के पात्र परिवार में तलाकशुदा बेटियां भी पेंशन पाने के हकदार होंगी। कैबिनेट की बैठक में लिए गए ये फैसले प्रदेश के सामाजिक, कृषि और पर्यावरणीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
प्रदेश के MSME मंत्री चैतन्य कश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। बालाघाट को नक्सल मुक्त घोषित किया गया। अगले कृषि कैबिनेट की बैठक बालाघाट में आयोजित की जाएगी। (Divorced daughters pension scheme approved Madhya Pradesh) धान का समर्थन मूल्य प्रदेश में 51 लाख मेट्रिक टन से अधिक धान की उपार्जन हुई है। इसके लिए 1436 केंद्र स्थापित किए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, रजिस्ट्रेशन 7 फरवरी से शुरू हो गया है।
प्रदेश में चीते की संख्या लगातार बढ़ रही है अब कुल 24 चीते प्रदेश में पाए जा रहे हैं। वन्य जीव और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। जू के साथ वन्य जीवों के लिए नए रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश में पल्स मिशन पर तेज गति से काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 19 मार्च को गुड़ी पड़वा अच्छे तरीके से मनाने के निर्देश दिए हैं।