क्रिकेट आपको इनाम देने से कहीं अधिक आपकी परीक्षा लेता है: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा
क्रिकेट आपको इनाम देने से कहीं अधिक आपकी परीक्षा लेता है: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा
कल्याणी (पश्चिम बंगाल), 18 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के प्रेरणादायी कप्तान पारस डोगरा ने अपने 24 साल के सफर को कुछ भावनात्मक शब्दों में बयां किया।
डोगरा के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर ने मुश्किलों को पार करते हुए बुधवार को यहां दो बार के चैंपियन बंगाल पर छह विकेट से जीत हासिल करके पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में जगह बनाई।
टीम को 67 साल के इंतजार के बाद पहले रणजी फाइनल में पहुंचाने में मदद करने के बाद डोगरा ने कहा, ‘‘क्रिकेट आपको इनाम देने से कहीं अधिक आपकी परीक्षा लेता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें बस जिद्दी बने रहना होगा।’’
इस 41 साल के कप्तान ने एक ऐसी टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई जिसे ‘कमजोर’ माना जाता था।
वर्ष 2001 में हिमाचल प्रदेश के साथ करियर की शुरुआत करने के बाद डोगरा 2018-19 से 2023-24 तक पुडुचेरी की ओर से खेले और फिर 2024-25 सत्र से पूर्व जम्मू-कश्मीर चले गए। उन्होंने प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 48 से अधिक के औसत से 10,517 रन बनाए हैं जिसमें 34 शतक और 36 अर्धशतक शामिल हैं। उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी 253 रन की रही।
भारत ‘ए’ के पूर्व बल्लेबाज डोगरा घरेलू क्रिकेट में सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े और मौजूदा सत्र में इतिहास रच दिया।
डोगरा ने कहा, ‘‘हमें आगे बढ़ते रहना है। इसलिए भगवान ने लिखा है कि हम फाइनल में खेलेंगे।’’
जम्मू-कश्मीर ने 1959-60 में पदार्पण करने के बाद पहली बार फाइनल में जगह बनाकर 67 साल का इंतजार खत्म किया।
डोगरा सेमीफाइनल के दौरान वसीम जाफर के बाद 10 हजार रणजी ट्रॉफी रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज भी बने।
उन्होंने कहा, ‘‘कभी सोचा नहीं था कि मैं इस उपलब्धि तक पहुंच पाऊंगा)। मुझे खेलना पसंद है। बाकी ऊपरवाले ने 10 हजार रन बना दिए इसलिए मैं सच में बहुत खुश हूं।’’
डोगरा ने इस उपलब्धि को खास बताया लेकिन कहा कि टीम का लक्ष्य प्राथमिक है। उन्होंने अपने साथियों और सहयोगी स्टाफ अपने करियर के आखिरी दौर में उन्हें प्रेरित रखने का श्रेय दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। अच्छा लगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कर पाऊंगा। लेकिन मुझे यह खेल पसंद है। मुझे बस खेलना पसंद है।’’
डोगरा ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर मैं बहुत खुश हूं और मैं इस बात से भी बहुत खुश हूं कि मुझे इतने कमाल के लोगों के साथ खेलने का मौका मिला। कोचिंग स्टाफ। प्रबंधन। वे हर चीज में मेरा साथ दे रहे हैं।’’
जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 302 रन पर आउट होने के साथ पहली पारी के आधार पर 26 रन की बढ़त गंवा दी थी लेकिन फिर बंगाल को 99 रन पर समेट दिया और फिर चार विकेट पर 126 रन बनाकर जीत दर्ज की।
बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने माना कि मैच एक ही सत्र में उनके हाथ से निकल गया जब टीम तीसरे दिन 25.1 ओवर में 99 रन पर सिमट गई।
ईश्वरन ने कहा, ‘‘पहली पारी में बढ़त लेने के बाद हम मैच में आगे थे। लेकिन दूसरी पारी में हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। उन्होंने बहुत अच्छी गेंदबाजी की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें कुछ अच्छी साझेदारी करनी चाहिए थी और मैच अपने नाम कर लेना चाहिए था। लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके। मुझे लगा कि इसीलिए मैच हाथ से निकल गया।’’
ईश्वरन ने कहा, ‘‘बहुत सारी सकारात्मक चीजें हुईं। लेकिन मुझे लगता है कि हम बस एक सत्र में पीछे रह गए जहां मैच हमारे हाथ से निकल गया।’’
भाषा
सुधीर पंत
पंत

Facebook


