क्रिकेटर शिवम दुबे विश्व कप जीतने के बाद ट्रेन में बैठकर मुंबई पहुंचे

क्रिकेटर शिवम दुबे विश्व कप जीतने के बाद ट्रेन में बैठकर मुंबई पहुंचे

क्रिकेटर शिवम दुबे विश्व कप जीतने के बाद ट्रेन में बैठकर मुंबई पहुंचे
Modified Date: March 11, 2026 / 06:49 pm IST
Published Date: March 11, 2026 6:49 pm IST

मुंबई, मार्च (भाषा) टी20 विश्व कप में ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिवम दुबे ने अहमदाबाद से मुंबई की यात्रा सबकी नजरें से बचते हुए ट्रेन से पूरी की। रेलवे के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मुंबई के लिए सभी उड़ाने पूरी तरह से बुक होने के कारण दुबे ने ट्रेन से यात्रा करना चुना जिससे कि वह अपने दो छोटे बच्चों से मिलने के लिए जल्द से जल्द शहर पहुंच सकें। इस दौरान क्रिकेट प्रशंसकों की भीड़ के उन्हें घेर लेने का खतरा भी था।

अधिकारी ने कहा कि यह स्टार ऑलराउंडर भारतीय टीम के विश्व कप जीतने के कुछ घंटों बाद सोमवार सुबह अहमदाबाद से मुंबई जाने वाली सयाजी नगरी एक्सप्रेस में अपनी पत्नी अंजुम और एक दोस्त के साथ सवार हुए।

उन्होंने बताया कि ट्रेन की आरक्षण सूची पर उनका नाम देखने के बाद एक टिकट निरीक्षक को हैरानी हुई कि क्या वह क्रिकेटर दुबे हैं। हालांकि उनकी पत्नी ने समझदारी से स्थिति को संभाला और कहा कि क्रिकेटर ट्रेन से यात्रा क्यों करेगा।

अधिकारी ने बताया कि साथ बैठे यात्रियों द्वारा पहचाने जाने से बचने के लिए दुबे ने सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर ट्रेन में चढ़ते समय टोपी, मास्क और पूरी बाजू की टीशर्ट पहनी थी और एसी थ्री टियर कोच में चढ़ने के बाद अपनी ऊपर वाली बर्थ पर चढ़ गए।

अधिकारी ने कहा कि ट्रेन का सफर कम से कम आठ घंटे का होता है और वह व्यस्त टूर्नामेंट और जश्न के बाद बर्थ पर आराम कर रहा था। साथ ही दुबे को मुंबई के बोरीवली स्टेशन पर दिन के उजाले में (दोपहर एक बजे के बाद) उतरने की अधिक चिंता थी क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं प्रशंसक उन्हें पहचान ना लें।

एक सरकारी रेलवे पुलिस अधिकारी ने कहा कि ट्रेन के बोरीवली पहुंचने से पहले दुबे ने पुलिस से मदद मांगी जिससे कि वह आराम से स्टेशन से बाहर निकल सकें।

अधिकारी ने कहा कि लोगों का ध्यान खींचने से बचने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को क्रिकेटर को स्टेशन के बाहर उनकी गाड़ी तक ले जाने के लिए भेजा गया था।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता


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