डब्ल्यूएफआई से फिर ठनी , प्रतिबंध के बावजूद प्रतिस्पर्धा स्थल पर पहुंची विनेश

डब्ल्यूएफआई से फिर ठनी , प्रतिबंध के बावजूद प्रतिस्पर्धा स्थल पर पहुंची विनेश

डब्ल्यूएफआई से फिर ठनी , प्रतिबंध के बावजूद प्रतिस्पर्धा स्थल पर पहुंची विनेश
Modified Date: May 11, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: May 11, 2026 5:43 pm IST

(अमनप्रीत सिंह)

गोंडा, 11 मई (भाषा) भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) से नये विवाद की शुरूआत करते हुए विनेश फोगाट ने महासंघ द्वारा लगाये गए प्रतिबंध को धता बताते हुए सोमवार को कहा कि वह संन्यास नहीं लेंगी और राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेंगी ।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह डब्ल्यूएफआई के कारण बताओ नोटिस का जवाब दे चुकी हैं और संन्यास से वापसी की पात्रता रखती हैं । वहीं महासंघ ने कहा कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक वह टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकती हैं ।

राष्ट्रीय महासंघ ने इससे पहले कहा था कि विनेश 26 जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंटों में भाग नहीं ले सकती क्योंकि डोपिंग रोधी नियमों के तहत संन्यास के वापसी के बाद उन्होंने छह महीने का अनिवार्य नोटिस पूरा नहीं किया है ।

विनेश ने डब्ल्यूएफआई अधिकारियों से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा ,‘‘ आप आखिर मुझसे क्या चाहते हैं । क्या मैं संन्यास लेकर परे हो जाऊं । हार मान लूं । ताकि मेरे खिलाफ उनकी साजिश कामयाब हो जाये ।’’

अयोध्या हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद विनेश ने डब्ल्यूएफआई के कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया । उन्होंने दावा किया कि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की संहिता का रिटायर्ड खिलाड़ियों से जुड़ा नियम 5 . 6 . 1 उन पर लागू नहीं होता क्योंकि वह जून में ही युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को संन्यास के बाद वापसी के अपने फैसले से अवगत करा चुकी हैं ।

यूडब्ल्यूडब्ल्यू के नियमों के अनुसार संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को कम से कम छह महीने पहले उसे सूचित करना जरूरी है जबकि इस दौरान टेस्ट के लिये भी उपलब्ध रहना होगा ।

विनेश ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने यूडब्ल्यूडब्ल्यू को पहले ही अपनी वापसी की जानकारी दे दी थी लिहाजा प्रक्रियागत जरूरतें वह पूरी कर चुकी हैं ।

उन्होंने कहा कि वह डब्ल्यूएफआई को 12 दिसंबर को ही सूचित कर चुकी थी कि वह वापसी करना चाहती हैं । उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे कारण बताओ नोटिस देने के लिये छह महीने इंतजार क्यो किया गया और वह भी टूर्नामेंट से दो दिन पहले ।’’

उन्होंने एक छोटा जवाब दे दिया है और 14 दिन के भीतर पूरा जवाब देंगी ।

डब्ल्यूएफआई सूत्रों ने हालांकि कहा कि महासंघ उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है और उसका मानना है कि विनेश ने सिर्फ पात्रता के पहलू पर जवाब दिया है जबकि उनके खिलाफ लगाये गए अनुशासनहीनता के आरोपों का जवाब नहीं दे सकी हैं ।

महासंघ के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा ,‘‘ उनका जवाब पूरा नहीं है । उन्होंने पूरे कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया है । जब तक अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती , वह भाग नहीं ले सकती ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हम उन्हें यहां आने से नहीं रोकेंगे लेकिन हर मसले पर पूरा स्पष्टीकरण मिलने तक उन्हें इंतजार करना होगा ।’’

विवाद की शुरूआत तब हुई जब डब्ल्यूएफआई ने विनेश को तल्ख कारण बताओ नोटिस जारी करके उन पर अनुशासनहीनता, महासंघ के नियम तोड़ने और डोपिंग रोधी प्रक्रिया के उल्लंघन का आरोप लगाया ।

इससे पहले विनेश ने दावा किया था कि महासंघ उसकी वापसी रोकने का प्रयास कर रहा है ।

महासंघ ने यह भी कहा कि गलत धारणा फैलाई जा रही है कि विनेश को भागीदारी से रोकने के लिये राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में चयन के मानदंड बदले गए हैं ।

विनेश ने पेरिस ओलंपिक 2024 में महिलाओं के 50 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक के मुकाबले से अयोग्य करार दिये जाने के बाद कुश्ती से संन्यास ले लिया था ।

विनेश के पति सोमबीर राठी ने कहा कि उसने आधिकारिक रूप से संन्यास की कभी घोषणा नहीं की और सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था । वहीं डब्ल्यूएफआई का कहना है कि दिसंबर 2024 में यूडब्ल्यूडब्ल्यू के पत्र में कहा गया है कि उसने इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) को इसके बारे में बताया था ।

महासंघ ने उनसे चार प्रमुख आरोपों पर सफाई मांगी है जिसमें 2024 पेरिस ओलंपिक से अयोग्य करार दिये जाने, डोपिंग रोधी नियमों के तहत ठौर ठिकाना बताने में कथित तौर पर नाकाम रहने और आईओए द्वारा नियुक्त तत्कालीन तदर्थ समिति द्वारा मार्च 2024 में कराये गए ट्रायल में दो भार वर्गों में भाग लेना शामिल है ।

महिला पहलवानों का वजन सोमवार को शाम पांच से सात बजे के बीच किया जायेगा और प्रतियोगिता मंगलवार को है ।

भाषा

मोना सुधीर

सुधीर


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