सूर्यवंशी को मौका देना भावनात्मक रूप से सही, लेकिन संजू को बाहर करना तर्कहीन: पार्थिव

सूर्यवंशी को मौका देना भावनात्मक रूप से सही, लेकिन संजू को बाहर करना तर्कहीन: पार्थिव

सूर्यवंशी को मौका देना भावनात्मक रूप से सही, लेकिन संजू को बाहर करना तर्कहीन: पार्थिव
Modified Date: July 10, 2026 / 12:45 pm IST
Published Date: July 10, 2026 12:45 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की बहस को आगे बढ़ाते हुए पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने कहा कि इस युवा बल्लेबाज को टीम में जगह देना भावनात्मक रूप से सही फैसला है, लेकिन इसके लिए सीनियर बल्लेबाज को टीम से बाहर करना तर्कहीन है।

पटेल ने यह भी स्वीकार किया कि अतीत में सैमसन को प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रखने के कारण टीम से बाहर कर दिया गया था लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में उन्हें बाहर करने का कोई कारण नजर नहीं आता है।

पटेल ने जियोस्टार से कहा, ‘‘हमेशा संजू सैमसन को ही क्यों बाहर किया जाता है। अगर आप पिछले 11-12 सालों में संजू सैमसन के करियर को देखें तो एक चीज शुरू से उनका पीछा कर रही है और वह है उनके खेल में निरंतरता का अभाव।’’

उन्होंने कहा, ‘‘या तो उस खिलाड़ी को बाहर किया जाता है जो तेजी से रन नहीं बना पा रहा हो या फिर लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा हो। आप भावनाओं और तर्क दोनों के आधार पर फैसले नहीं ले सकते। इसलिए वैभव सूर्यवंशी को मौका देना भावनात्मक रूप से सही फैसला था।’’

पार्थिव ने कहा, ‘‘लेकिन अगर तर्क की बात करें तो यह सवाल उठता है कि संजू सैमसन को क्यों बाहर किया गया। लेकिन मुझे लगता है कि यह फैसला भावनात्मक आधार पर लिया गया।’’

इस साल के टी20 विश्व कप में टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए सैमसन लगातार तीन मैचों में नाकाम रहे जिसमें उन्होंने कुल मिलाकर छह रन बनाए। इसके बाद उनकी जगह पर 15 वर्षीय सूर्यवंशी को टीम में शामिल किया गया। यह प्रतिभाशाली बल्लेबाज अब तक आईपीएल जैसा कमाल नहीं दिखा पाया है। सूर्यवंशी ने आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाए थे।

भारत मौजूदा श्रृंखला में अभी इंग्लैंड से 0-3 से पीछे है। यह पहला अवसर है जबकि इंग्लैंड ने भारत से टी20 श्रृंखला जीती है।

भाषा

पंत मोना

मोना


लेखक के बारे में