ओकाजाकी सिटी (जापान), 25 सितंबर (भाषा) अनुभव और युवा जोश से भरी भारतीय तीरंदाजी टीम एशियाई खेलों में अपने अभियान का शनिवार को आगाज करेगी तो नजरें हांगझोउ में नौ पदक के रिकॉर्ड को बेहतर करने पर लगी होंगी ।
भारतीय दल की अगुवाई धीरज बोम्मादेवरा करेंगे जो पिछले सप्ताह साल्टिलो में विश्व कप फाइनल जीतकर जापान पहुंचे हैं । वह सत्र का आखिरी यह खिताब जीतने वाले भारत के पहले पुरूष रिकर्व तीरंदाज हैं ।
एशियाई खेलों के जरिये लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के छह कोटा स्थान भी तय होंगे । पुरूष और महिला व्यक्तिगत रिकर्व में दो दो स्थान तय होंगे जबकि रिकर्व मिश्रित टीम और कंपाउंड मिश्रित टीम चैम्पियन को भी कोटा मिलेगा ।
कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा एशियाई खेलों में पदार्पण करने जा रही है ।
भारत के लिये धीरज पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं जिन्होंने 2023 विश्व कप फाइनल में कोरिया के किम वूजिन को हराया था । वूजिन यहां कोरियाई चुनौती की अगुवाई करेंगे । पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता किम जे दियोक और ली वू सियोग भी कोरियाई टीम में हैं ।
धीरज के साथ यशदीप भोगे और नीरज चौहान हैं । भारत ने हांगझोउ खेलों में पुरूष रिकर्व टीम में रजत पदक जीता था ।
महिला रिकर्व टीम भी पदक की दावेदार है जिसमें अंकिता भकत के साथ कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा हैं जिन्होंने शंघाई विश्व कप में कोरिया और चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता था ।
अनुभवी दीपिका कुमारी की कमी टीम को खल सकती है जो चयन ट्रायल में चौथे स्थान पर रहने के बाद टीम में जगह नहीं बना सकी ।
कंपाउंड वर्ग में भारत ने हांगझोउ में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे और चुनौती की अगुवाई ओजस देवताले तथा ज्योति सुरेखा वेन्नम ने की थी । देवताले, अदिति स्वामी और अभिषेक वर्मा इस बार टीम में जगह नहीं बना सके ।
उनकी जगह ज्योति के साथ चितिका तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप होंगे । पुरूष कंपाउंड टीम में साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश तिरू मुरू हैं ।
भाषा मोना नमिता
नमिता