उम्मीदों का दबाव नहीं लेता, ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर रहता है ध्यान : स्मरण

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उम्मीदों का दबाव नहीं लेता, ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर रहता है ध्यान : स्मरण

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 12:22 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 12:22 PM IST

… जी उन्नीकृष्णन …

बेंगलुरु, पांच अगस्त (भाषा) रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में 950 रन बनाकर सुर्खियों में आए कर्नाटक के बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण ने कहा है कि वह नए सत्र में भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हुए भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं।

शीर्ष घरेलू टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होने के साथ-साथ कई बार उम्मीदों का भारी बोझ भी बन सकता है, लेकिन स्मरण खुद पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहते हैं।

स्मरण ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं उम्मीदों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता और खुद पर किसी तरह का दबाव नहीं डालता। मेरा ध्यान केवल ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर रहता है।’’

इस 23 साल के बल्लेबाज ने कहा, ‘‘सत्र शुरू होने से पहले अच्छी तरह अभ्यास और प्रशिक्षण करना जरूरी है, ताकि सही मानसिकता के साथ मैदान पर उतर सकूं।’’

स्मरण दलीप ट्रॉफी में दक्षिण क्षेत्र के लिए मजबूत शुरुआत करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यह टूर्नामेंट उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां के प्रदर्शन पर कई लोगों की नजरें रहेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए अहम टूर्नामेंट है। यहां बनाए गए रन काफी मायने रखते हैं। अगर मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाता हूं तो इससे पूरे सत्र के लिए अच्छी शुरुआत मिलेगी। मेरा पूरा ध्यान हालांकि अच्छी तैयारी पर है और बाकी चीजें अपने आप सही होती जाएंगी।’’

स्मरण की शानदार बल्लेबाजी से कर्नाटक पिछले सत्र में रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने में सफल रहा था।

करीब छह महीने तक लाल गेंद क्रिकेट से दूर रहने के बाद वापसी की चुनौती के बारे में स्मरण ने कहा कि आईपीएल के दौरान अप्रैल और मई में सफेद गेंद क्रिकेट खेलने के बाद दोबारा लाल गेंद क्रिकेट की मानसिकता में लौटना जरूरी था।

उन्होंने कहा, ‘यह काफी महत्वपूर्ण पहलू है। मुझे सफेद गेंद क्रिकेट से अपने तरीके और बल्लेबाजी को लाल गेंद क्रिकेट के अनुसार ढालना था। इस मामले में कर्नाटक लीग के मुकाबले मेरी काफी मदद कर रहे हैं और मुझे नए सत्र से पहले लाल गेंद क्रिकेट के माहौल में लौटने का मौका मिल रहा है।’

इस खब्बू बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी का सामना करने पर भी काम किया है। उनका मानना है कि अलग-अलग पिचों और परिस्थितियों में अच्छे स्पिनरों के खिलाफ खेलना घरेलू क्रिकेट की बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा, ‘‘घरेलू क्रिकेट में आपको देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग परिस्थितियों में अच्छे स्पिनरों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए मजबूत तकनीक जरूरी है।’’

उन्होंने कहा, ‘स्पिनरों की लय बिगाड़ने के लिए स्वीप और रिवर्स स्वीप जैसे शॉट खेलने आने चाहिए। मैं सत्र से पहले इन पहलुओं पर काम कर रहा हूं।’

लाल गेंद क्रिकेट में सफलता के साथ-साथ स्मरण सीमित ओवरों के प्रारूप में भी प्रभावी रहे हैं। टी20 में उनका स्ट्राइक रेट 155 और लिस्ट-ए क्रिकेट में औसत 50.33 है।

तीनों प्रारूपों में भारत के लिए खेलने की इच्छा जताते हुए स्मरण ने कहा, ‘‘मैं भारत के लिए सभी प्रारूपों में खेलना चाहता हूं। इसके लिए अभ्यास और तैयारी सबसे महत्वपूर्ण है। मानसिक और तकनीकी स्तर पर भी थोड़ा बदलाव करना पड़ता है।’

भाषा

आनन्द

आनन्द