दलीप ट्रॉफी: वैभव सूर्यवंशी पर टिकी रहेंगी निगाहें

दलीप ट्रॉफी: वैभव सूर्यवंशी पर टिकी रहेंगी निगाहें

दलीप ट्रॉफी: वैभव सूर्यवंशी पर टिकी रहेंगी निगाहें
Modified Date: August 22, 2026 / 01:16 pm IST
Published Date: August 22, 2026 1:16 pm IST

बेंगलुरु, 22 अगस्त (भाषा) टी20 क्रिकेट में धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को रविवार से यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में पूर्वी क्षेत्र की तरफ से उत्तर पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने रिकॉर्ड को सुधारने का मौका मिलेगा।

इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।

इस तरह से देखा जाए तो सूर्यवंशी लाल गेंद के क्रिकेट में अभी भी एक अनुभवहीन खिलाड़ी हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी में सबसे कमजोर मानी जाने वाली उत्तर पूर्व की टीम के खिलाफ उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुछ रन बनाने और आत्मविश्वास हासिल करने का मौका मिलेगा।

पूर्वी क्षेत्र की टीम में कप्तान ईशान किशन, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, कुमार कुशाग्र, शाहबाज अहमद और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन हमेशा की तरह सूर्यवंशी ही सबका ध्यान अपनी तरफ खींचेंगे। क्षेत्रीय चयन समिति ने उन्हें उप-कप्तान नियुक्त किया है।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

श्रीलंका में ‘ए’ श्रृंखला में खेलने वाले आयुष पांडे और अमन मोखाडे मध्य क्षेत्र की तरफ से सीधे सेमीफाइनल में खेलेंगे। वह अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली श्रृंखला के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश करेंगे।

उत्तरी क्षेत्र के इतिहास में दिल्ली का दबदबा रहा है तथा जम्मू कश्मीर का प्रतिनिधित्व हमेशा नाममात्र का रहा है। लेकिन 2025-2026 की रणजी ट्रॉफी की जीत ने पूरी कहानी बदल दी है, क्योंकि कन्हैया वधावन राज्य के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्हें सीनियर क्षेत्रीय टीम की कप्तानी करने का मौका मिला है। इस टीम में उनके राज्य का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व है।

रुतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व वाले पश्चिमी क्षेत्र के रूप में उन्हें एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ेगा। पश्चिम क्षेत्र को सरफराज खान की कमी खलेगी जो राष्ट्रीय टीम के साथ श्रीलंका के दौरे पर हैं।

रणजी फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले कामरान इकबाल, शीर्ष स्कोरर में से एक आयुष दोजा, यश ढुल और आयुष बडोनी जैसे खिलाड़ियों के उत्तरी क्षेत्र की टीम में होने तथा गायकवाड़, शार्दुल ठाकुर, मुंबई की स्पिन जोड़ी तनुष कोटियन और शम्स मुलानी जैसी खिलाड़ियों के पश्चिमी क्षेत्र की टीम में होने से मुकाबला रोमांचक होने की संभावना है।

भाषा

पंत

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