ईएफआई ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिना ट्रायल के राइडर्स को एनओसी जारी की
ईएफआई ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिना ट्रायल के राइडर्स को एनओसी जारी की
(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए चार घुड़सवारों को बिना किसी चयन ट्रायल्स के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के कारण जांच के दायरे में आ गया है और इससे हितों के टकराव से जुड़ी चिंताएं पैदा हो गई हैं।
पीटीआई के पास कुछ दस्तावेज हैं जिनसे पता चलता है कि ईएफआई ने दो जनवरी 2026 को एनओसी जारी की थी, जिसमें 61 कैवलरी के चार अधिकारियों को ‘सक्रिय घुड़सवारी खिलाड़ी’ के रूप में प्रमाणित किया गया है और उन्हें एफईआई की तरफ से यूरोप में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति दी गई है।
जिन राइडर्स को विदेश में होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति दी गई है उनमें लेफ्टिनेंट कर्नल डी अपूर्वा, मेजर अनंत राज पुरोहित, मेजर यशदीप अहलावत और कैप्टन अनंत कुमार शामिल हैं।
ईएफआई के उपाध्यक्ष (तकनीकी) और कार्यवाहक अध्यक्ष कर्नल जगत सिंह (सेवानिवृत्त) ने इस एनओसी पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें कहा गया है कि महासंघ को यूरोप में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किसी भारतीय खिलाड़ी या भारतीय टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों पर कोई आपत्ति नहीं है।
ईएफआई के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह के अनुसार बिना किसी ट्रायल्स या पारदर्शी चयन प्रक्रिया के मंजूरी दे दी गई, जबकि ईएफआई के पास 11 अक्टूबर, 2023 का एक मसौदा चयन मानदंड है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का चयन से पहले वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन अनिवार्य किया गया था।
इस मामले में मेजर यशदीप अहलावत को शामिल किए जाने से जटिलता और बढ़ गई है। वह ईएफआई की कार्यकारी समिति के सदस्य मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) दीप अहलावत के बेटे हैं, जिससे हितों के टकराव के आरोप लग रहे हैं।
विश्व घुड़सवारी की सर्वोच्च संस्था एफईआई के हितों के टकराव संबंधी नियमों में कहा गया है कि निर्वाचित अधिकारी के करीबी रिश्तेदार को महासंघ के किसी भी तरह के फैसलों विशेषकर चयन और प्रतिनिधित्व के मामलों में फायदा नहीं मिलना चाहिए।
कर्नल जयवीर सिंह ने एनओसी जारी करने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कदम भारतीय घुड़सवारी खेल में प्रशासन के मानदंडों को कमजोर करता है।
कर्नल जयवीर सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘बिना ट्रायल्स और निर्धारित चयन मानदंडों का पालन किए बिना अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एनओसी जारी करना पूरी तरह से गलत है। इससे व्यवस्था पर पक्षपात के आरोप लगने का खतरा बढ़ जाता है और महासंघ की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचता है।’’
उन्होंने कहा कि जब किसी राइडर का कोई करीबी पारिवारिक सदस्य महासंघ के फैसले लेने वाले विभाग का हिस्सा हो, तो उसे इस तरह की प्रक्रिया से लाभ उठाने की अनुमति देने से अनुचित कार्य की धारणा और मजबूत होती है।
सिंह ने कहा, ‘‘हितों के टकराव से संबंधित प्रावधान खेल और संस्था का बचाव करने के लिए हैं। जब इस तरह के प्रावधानों की अनदेखी की जाती है तो इससे खिलाड़ियों और हितधारकों के बीच विश्वास कम हो जाता है।’’
सिंह ने यह भी दावा किया कि उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें महासचिव के पद पर बहाल किए जाने के बावजूद कार्यकारी समिति ने उन्हें ईएफआई के दैनिक कार्यों से अलग कर दिया है।
भाषा
पंत
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