ईएफआई की तदर्थ समिति ने अदालत को बताया, 150 दिन लग सकते हैं चुनाव में

ईएफआई की तदर्थ समिति ने अदालत को बताया, 150 दिन लग सकते हैं चुनाव में

ईएफआई की तदर्थ समिति ने अदालत को बताया, 150 दिन लग सकते हैं चुनाव में
Modified Date: May 21, 2026 / 05:50 pm IST
Published Date: May 21, 2026 5:50 pm IST

(अमनप्रीत सिंह)

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) का कामकाज देखने के लिए नियुक्त तदर्थ समिति ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करतेहुए प्रशासनिक सुधारों और चुनावों के लिए एक विस्तृत रोडमैप पेश किया है।

समिति ने साथ ही यह भी संकेत दिया है कि इस पूरी प्रक्रिया में अदालत द्वारा पहले तय की गई दो महीने की समयसीमा से काफी ज्यादा समय लग सकता है।

भारतीय ओलंपिक संघ ने इसका कारण यह बताया कि यह नए खेल कानून के तहत वैधानिक जरूरतों और महासंघ का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लेने में हुई देरी की वजह से है।

समिति ने अपने आवेदन में कहा कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के तहत अनिवार्य चुनावी प्रक्रिया में लगभग 150-160 दिन लगेंगे क्योंकि महासंघ के पुनर्गठन, विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त खिलाड़ी (एसओएम) की सूची तैयार करने, एथलीट आयोग के चुनाव कराने और निर्वाचक मंडल को अंतिम रूप देने से जुड़ी अनिवार्य समय सीमाएं हैं।

इस विवाद की पृष्ठभूमि दिल्ली उच्च न्यायालय के 18 फरवरी 2026 के फैसले में निहित है। इस फैसले के जरिए अदालत ने आईओए को एक तदर्थ समिति नियुक्त करने का निर्देश दिया था ताकि वह ईएफआई का प्रशासन अपने हाथ में ले सके। यह निर्देश तब दिया गया था जब महासंघ के कामकाज और राष्ट्रीय खेल विकास संहिता का कथित तौर पर पालन नहीं करने को लेकर चिंताएं जताई गई थीं।

अदालत ने समिति को आदेश दिया था कि वह दो महीने के भीतर ईएफआई के संविधान और उप-नियमों को अंतिम रूप दे और उसके 30 दिनों के भीतर चुनाव कराए।

फिर आईओए ने 27 मार्च को तदर्थ समिति का गठन किया लेकिन हाल में कर्नल अशोक यादव को इस पैनल से हटा दिया।

भाषा नमिता मोना

मोना


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