परिवार और भरोसे ने सात्विक-चिराग को सिंगापुर ओपन में जीत दिलाई

परिवार और भरोसे ने सात्विक-चिराग को सिंगापुर ओपन में जीत दिलाई

परिवार और भरोसे ने सात्विक-चिराग को सिंगापुर ओपन में जीत दिलाई
Modified Date: May 31, 2026 / 09:08 pm IST
Published Date: May 31, 2026 9:08 pm IST

सिंगापुर, 31 मई (भाषा) भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के लिए सिंगापुर ओपन का खिताब जीतना दो साल के ट्रॉफी इंतजार को खत्म करने से कहीं अधिक मायने रखता था।

दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी ने रविवार को इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिक्री को 18-21, 21-17, 21-16 से हराकर 2024 के बाद अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीता। यह जीत सात्विक के लिए निजी तौर पर बहुत मायने रखती थी, खासकर कोर्ट के बाहर एक मुश्किल दौर से गुजरने के बाद।

आंध्र प्रदेश के इस शटलर ने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान परिवार में हुई एक खुशी की घटना ने उनका हौसला बढ़ाने में मदद की। पिछले हफ्ते उनके भाई रामचरण और भाभी के घर बेटी का जन्म हुआ जिससे सात्विक को काफी सुकून मिला। सात्विक ने पिछले साल अपने पिता आर कासी विश्वनाथम को खो दिया था। उनके पिता उस समय अपने बेटे का ‘खेल रत्न’ पुरस्कार समारोह देखने के लिए सफर कर रहे थे।

जीत के बाद सात्विक ने कहा, ‘‘ओलंपिक के बाद, हम बस एक ही चीज के पीछे भाग रहे थे। जब भी हमें लगता कि हम सही रास्ते पर हैं, तो कोई न कोई निजी मुश्किल आ जाती थी। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पिछले हफ्ते मेरे भाई के घर एक प्यारी सी बच्ची का जन्म हुआ। हमें लगा जैसे मेरे पिता का ही पुनर्जन्म हुआ हो, इसलिए यह हमारे लिए बहुत शुभ रहा। मैं यह खिताब उस बच्ची और अपने परिवार को समर्पित करना चाहता हूं जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। ’’

सात्विक ने कहा, ‘‘मेरी मां अभी अमेरिका में हैं इसलिए मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि इस हफ्ते सब कुछ अच्छा रहा। ’’

सात्विक ने अपनी जीत का श्रेय कोच टैन किम हर की उस रणनीतिक सलाह को दिया, जिसमें उन्होंने रैली की शुरुआत में ही बढ़त बनाने पर जो दिया था, खासकर उन इंडोनेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ जो अपनी आक्रामक शुरुआत के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इंडोनेशियाई या मलेशियाई खिलाड़ियों के लिए, मुख्य बात शुरुआती तीन या चार शॉट्स ही होते हैं। अगर वे उस चरण में आप पर दबाव बनाए रखते हैं, तो वे हमेशा आप पर हावी रहते हैं। हमारी योजना उन शुरुआती कुछ शॉट्स और फ्रंट कोर्ट (नेट के पास) पर ध्यान केंद्रित करने की थी, न कि इस बात पर ज्यादा सोचने की कि रैली में आगे क्या होने वाला है। ’’

चिराग ने फाइनल मैच को ठीक वैसा ही कड़ा मुक़ाबला बताया जैसा कि उन्हें उम्मीद थी। उन्होंने कहा, ‘‘बहुत, बहुत जबरदस्त मुकाबला। जब हम कोर्ट पर उतरे, तो हमें पता था कि यह एक जबरदस्त मैच होगा। दोनों जोड़ियां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली थीं और मुझे लगा कि यह मैच बिल्कुल आखिर तक चलेगा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘दर्शकों के लिए यह एक शानदार मैच था, और हमारे लिए भी। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


लेखक के बारे में