कहीं श्राप न लग जाए, इसलिए रॉकी की मूर्ति को ब्राजील की जर्सी नहीं पहनाई प्रशंसकों ने
कहीं श्राप न लग जाए, इसलिए रॉकी की मूर्ति को ब्राजील की जर्सी नहीं पहनाई प्रशंसकों ने
फिलाडेल्फिया, 20 जून (एपी) रॉकी की प्रतिमा के साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए फिलाडेल्फिया म्यूजियम ऑफ आर्ट की सीढ़ियों तक गए ब्राजील के प्रशंसकों ने इस काल्पनिक योद्धा को ठीक उसी स्थिति में छोड़ दिया, जिस स्थिति में उन्होंने उसे देखा था।
क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उनकी टीम पर श्राप न लग जाए और हैती विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर न कर दे। विश्व कप का मैच देखने के लिए फिलाडेल्फिया आए हर ब्राजीलियाई प्रशंसक नौ फुट 11 इंच लंबी और 1300 पाउंड वजनी विशालकाय मूर्ति के साथ एक तस्वीर या सेल्फी लेने के लिए रुका, लेकिन उन्होंने उसे जर्सी नहीं पहनाने की अपील का पूरा ध्यान रखा।
यहां आने वाले खेल प्रशंसकों ने लंबे समय से यह कड़वा सबक सीखा है कि प्रतिमा को रंगीन जर्सी, स्कार्फ, टोपी, या स्थानीय रैली हाउस में मिलने वाली किसी भी चीज से सजाने का मतलब केवल यही होता है कि उनकी टीम को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
आप इस अंधविश्वास का उपहास उड़ा सकते हैं लेकिन कुछ दिन पहले इक्वाडोर के प्रशंसकों ने रॉकी की सीढ़ियों पर कब्जा कर लिया और गाने गाए, नाचे, झंडे लहराए, रॉकी को टीम की जर्सी पहनाई और काल्पनिक योद्धा के गले में देश का झंडा बांध दिया।
इक्वाडोर की टीम के लिए यह अच्छा नहीं रहा। अमाद डियालो ने 90वें मिनट में गोल करके आइवरी कोस्ट को बारह साल में पहली बार विश्व कप में भाग ले रहे इक्वाडोर पर 1-0 से जीत दिलाई।
ब्राजील के प्रशंसकों ने इस परिणाम पर ध्यान दिया और उनके एक प्रशंसक समूह, ‘ग्रीन एंड येलो मूवमेंट’ ने अपने देश के किसी भी प्रशंसक को मूर्ति पर किसी भी तरह की सजावट नहीं करने की अपील की। इसके लिए उन्होंने बाकायदा इंस्टाग्राम पोस्ट पर चेतावनी जारी की थी।
इस पोस्ट में कहा गया था, ‘‘प्रशंसक ध्यान दें। फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति पर ब्राजील की शर्ट लगाना पूरी तरह से मना है। कई फुटबॉल टीमों के प्रशंसकों ने रॉकी की मूर्ति को अपने रंगों में सजाया है और हार गई।’’
ब्राजील के प्रशंसकों ने चेतावनी पर पूरा ध्यान दिया। ब्राजील ने इस मैच में हैती को 3-0 से हराया।
एपी
पंत
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