Anil Gurav Passed Away: पूर्व क्रिकेटर का निधन, ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम थे मशहूर, खेल जगत में शोक की लहर

पूर्व क्रिकेटर का निधन, ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम थे मशहूर, Former Indian Cricketer Anil Gurav Passes Away in Mumbai

Anil Gurav Passed Away: पूर्व क्रिकेटर का निधन, ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम थे मशहूर, खेल जगत में शोक की लहर
Modified Date: April 2, 2026 / 12:05 am IST
Published Date: April 1, 2026 7:36 pm IST

मुंबई: Anil Gurav Passed Away: द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच दिवंगत रमाकांत आचरेकर के शुरुआती शिष्यों में से एक और अपनी बल्लेबाजी के कारण दोस्तों के बीच ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम से मशहूर अनिल गुरव अपनी कुछ गलत पसंद के कारण कभी उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाए और इसका उन्हें जीवन भर पछतावा रहा।  आचरेकर के सबसे बेहतरीन शिष्यों में से एक माने जाने वाले गुरव कभी क्लब स्तरीय क्रिकेट से आगे बढ़कर मुंबई टीम में जगह नहीं बना पाए। उनका का मंगलवार को यहां नालासोपारा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया।

Anil Gurav Passed Away: गुरव शारदाश्रम विद्यामंदिर में दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली से कुछ साल सीनियर थे। कहा जाता है कि कोच आचरेकर आगे चलकर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले इन दोनों बल्लेबाजों को गुरव को नेट पर बल्लेबाजी करते हुए देखने के लिए ले जाया करते थे। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अनुभवी क्यूरेटर और पार्षद नदीम मेमन ने याद करते हुए कहा, ‘‘आचरेकर सर सचिन और दूसरों को नेट पर गुरव की बल्लेबाजी देखने के लिए कहते थे। वह एक ऐसे खिलाड़ी थे जिनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता था। उन्होंने कहा कि वह आचरेकर सर के सबसे पसंदीदा शिष्यों में से एक थे। प्रतिभा के बावजूद गुरव कभी सीनियर स्तर तक नहीं पहुंच पाए। उन्होंने अंडर-16 और अंडर-19 स्तर पर क्रिकेट खेला और साथ ही आचरेकर के ‘ससानियन क्रिकेट क्लब’ और ‘कामत मेमोरियल’ का भी प्रतिनिधित्व किया।

मेमन ने कहा, ‘‘उनके दोस्त उन्हें ‘मुंबई का विवियन रिचर्ड्स’ सिर्फ इसलिए नहीं कहते थे कि उनका स्क्वायर कट विवियन जैसा लगता था बल्कि इसलिए भी कि वह लेग साइड पर भी उतने ही बेहतरीन बल्लेबाज थे।’’ यह भी माना जाता है कि गुरव ने अपने स्कूली दिनों में सचिन तेंदुलकर को अपना बल्ला दिया था जिससे इस महान बल्लेबाज ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपना पहला शतक बनाया। कहा जाता है कि गुरव के भाई अजित कुछ अवैध गतिविधियों में शामिल थे जिसके कारण उनके परिवार को पुलिस की तरफ से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जहां एक ओर उनका क्रिकेट करियर कभी परवान नहीं चढ़ पाया वहीं दूसरी ओर गुरव को शराब पीने की लत लग गई और वह धीरे-धीरे इस खेल से दूर होते चले गए।

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