नितीश रेड्डी को समय दें, जल्दबाजी में फैसला नहीं करें: पूर्व क्रिकेटर
नितीश रेड्डी को समय दें, जल्दबाजी में फैसला नहीं करें: पूर्व क्रिकेटर
नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) पूर्व खिलाड़ियों आकाश चोपड़ा, रॉबिन उथप्पा और मनोज तिवारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के युवा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को मौका दिया जाना चाहिए और क्रिकेट जगत को जल्दबाजी में उन्हें लेकर कोई फैसला नहीं करना चाहिए।
ये प्रतिक्रियाएं राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मैच में रेड्डी के साधारण प्रदर्शन के बाद आई हैं जहां उन्होंने 20 रन बनाए और दो ओवर में कोई विकेट नहीं ले पाए जिससे भारत को सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
मैच के बाद भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि मौके मिलने के बावजूद रेड्डी अक्सर बड़ा प्रभाव डालने में नाकाम रहे हैं। इन टिप्पणियों से इस युवा खिलाड़ी की भूमिका को लेकर बहस छिड़ गई।
उथप्पा ने ‘पीटीआई वीडियोज’ से कहा, ‘‘ऑलराउंडर बनना आसान नहीं है। आपको दो कौशल में महारत हासिल करनी होती है। रविंद्र जडेजा रातों-रात ऐसे नहीं बने, ना ही हार्दिक पंड्या। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बिताए समय की वजह से पूर्ण खिलाड़ी बने। नितीश रेड्डी को भी उस समय की जरूरत है।’’
इस युवा खिलाड़ी का समर्थन करते हुए पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज चोपड़ा ने कहा कि रेड्डी को प्रभाव डालने के लिए काफी मौके नहीं दिए गए हैं।
चोपड़ा ने कहा, ‘‘हम उसे नंबर सात पर बल्लेबाजी करवाते हैं जहां उसे सीमित मौके मिलते हैं और वह बहुत कम ओवर गेंदबाजी करता है। अगर आप मौके नहीं देते हैं तो किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए असर डालना मुश्किल हो जाता है जब तक कि आप सलामी बल्लेबाज या नई गेंद के गेंदबाज नहीं हों।
चोपड़ा ने साथ ही कहा कि रेड्डी लंबे समय तक मौके के हकदार हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर से राजनेता बने तिवारी को लगता है कि रेड्डी की फॉर्म में गिरावट मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने के बाद शुरू हुई।
तिवारी ने कहा, ‘‘उस पारी के बाद नितीश के प्रदर्शन में गिरवाट शुरू हुई। अधिक जश्न ने शायद उसे प्रभावित किया हो। अब उनके लिए बेसिक्स पर लौटने और सब कुछ ठीक करने का समय है।’’
तिवारी ने साथ ही कहा कि भारत को इस युवा खिलाड़ी को अधिक गेंदबाज़ी करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर बहुत कम हैं।’’
तिवारी ने रोहित शर्मा की मैच फिटनेस को लेकर हालिया चर्चाओं के बीच उनका भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ‘‘रोहित शर्मा सीमित ओवरों के क्रिकेट के दिग्गज हैं और उन्होंने भारत के लिए किसी और से अधिक मैच और पुरस्कार जीते हैं। रोहित जैसे खिलाड़ी को कम नहीं आंका जा सकता।’’
उन्होंने चेतावनी दी कि कोचिंग स्टाफ की टिप्पणियां एक सीनियर खिलाड़ी के आत्मविश्वास को ठेस पहुंचा सकती हैं।
भारत की टी20 विश्व कप की तैयारियों पर चोपड़ा ने तिलक वर्मा और वाशिंगटन सुंदर के महत्व पर जो दिया जो दोनों अभी चोटों की वजह से टीम से बाहर हैं।
चोपड़ा ने कहा, ‘‘तिलक वर्मा टीम का अहम हिस्सा हैं। मुझे उम्मीद है कि वह फिट होंगे और न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो टी20 अंतरराष्ट्रीय और विश्व कप के लिए उपलब्ध होंगे। यही बात वाशिंगटन सुंदर पर भी लागू होती है क्योंकि पिछले दो वर्षों में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद विश्व कप से ठीक पहले भारत विकल्प नहीं तलाश रहा है।’’
उथप्पा ने भारत के टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को सलाह दी कि विश्व कप से पहले वह अपने बल्लेबाजी क्रम के साथ अधिक प्रयोग नहीं करें।
उन्होंने कहा, ‘‘सूर्यकुमार को अपने बल्लेबाजी क्रम में अधिक बदलाव नहीं करना चाहिए। लगातार क्रम बदलने से रन कम बने हैं। स्थिरता से मदद मिलेगी।’’
भाषा सुधीर नमिता
नमिता

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