अगर मगर में फंसी हरमनप्रीत सिंह की टीम की सेमीफाइनल की राह
अगर मगर में फंसी हरमनप्रीत सिंह की टीम की सेमीफाइनल की राह
(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 23 अगस्त (भाषा) नीदरलैंड से पिछले मैच में हारने के बाद भारतीय टीम विश्व कप सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर होने की कगार पर है। हालांकि शनिवार को आखिरी पूल मैच में इंग्लैंड की अर्जेंटीना के हाथों हार ने तकनीकी तौर पर रास्ते बंद नहीं किये हैं लेकिन हरमनप्रीत सिंह की टीम को इसके लिये बड़ी जीत के साथ दूसरे मैच का परिणाम भी अनुकूल रहने की दुआ करनी होगी ।
विश्व कप के नये प्रारूप के तहत पूल ई और एफ में दूसरे दौर में शीर्ष दो स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी । इंग्लैंड को रियो ओलंपिक 2016 चैम्पियन अर्जेंटीना ने 3-1 से हराया लेकिन पहले दौर में भारत पर मिली जीत के कारण इंग्लैंड के पास तीन अंक हैं । नीदरलैंड छह अंक के साथ अंतिम चार में पहुंच चुका है । अर्जेंटीना के भी कल मिली जीत के बाद तीन अंक हो गए हैं जबकि भारत के पास कोई अंक नहीं है ।
अब भारत को ना सिर्फ अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना होगा बल्कि इंग्लैंड के भी बड़े अंतर से हारने की दुआ करनी होगी । अर्जेंटीना को हराना आसान नहीं होगा जिसने उसे इस साल एफआईएच प्रो लीग में राउरकेला में 8-0 और 4-2 से हराया है । इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ भी पिछले मैच में उसने जबर्दस्त प्रदर्शन करके भारत के लिये खतरे की घंटी बजा दी है । उसके पास रियो ओलंपिक विजेता मटियास रे के रूप में अनुभवी कप्तान है जो 329 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और यह उनका छठा विश्व कप है ।
भारत अगर दो गोल से अधिक के अंतर से जीत दर्ज करता है तो ही अर्जेंटीना बाहर हो सकता है क्योंकि ऐसे में उसके गोल अधिक हो जायेंगे । अर्जेंटीना ने अभी तक चार गोल स्कोर किये हैं जबकि भारत के तीन गोल हैं ।
इसके अलावा भारतीय टीम को नीदरलैंड की इंग्लैंड पर बड़ी जीत का भी इंतजार करना होगा । इंग्लैंड के खाते में पांच गोल है लिहाजा भारत को इंग्लैंड से कम से कम चार गोल के अंतर की जरूरत होगी ।
अगर भारत अर्जेंटीना को 3-1 से हराता है तो उसके नाम छह गोल स्कोर और आठ गोल गंवाने का आंकड़ा होगा । ऐसे में इंग्लैंड अगर 2-0 से हारता है तो उसके पांच गोल होंगे जबकि सात गंवाये हैं । ऐसे में भारत गोल स्कोर की गिनती के आधार पर सेमीफाइनल में चला जायेगा । लेकिन भारत 3-1 से जीतता है और इंग्लैंड 1 -3 से हारता है तो इंग्लैंड के गोल स्कोर छह और गंवाये गोल आठ हो जायेंगे और फिर फील्ड गोलों की गिनती के आधार पर तय किया जायेगा ।
भारत ने पिछले मैच में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया था और इंग्लैंड के खिलाफ एक फील्ड गोल पहले चरण में दागा था । इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ तीनों फील्ड गोल किये थे तो इंग्लैंड आगे निकल जायेगा ।
भारत के लिये सबसे आसान यही है कि अर्जेंटीना को दो गोल से अधिक के अंतर से हराये और इंग्लैंड कम से कम तीन गोल से हारे ।
कुल मिलाकर भारत की राह बहुत आसान नहीं है और सामना ऐसे प्रतिद्वंद्वी से है जो फॉर्म में है और पिछला रिकॉर्ड भी बेहतर है । नीदरलैंड के खिलाफ पिछले मैच में 40 मिनट तक बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन करने के बाद आखिरी क्वार्टर में दो गोल गंवाना भारत पर भारी पड़ा ।
अनुभवी मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने मैच के बाद कहा ,‘‘ इस तरह के मैचों में मौके भुनाने की ही बात होती है । हमने 99 प्रतिशत भी अच्छा खेला हो तो एक प्रतिशत की गलती भी भारी पड़ जाती है और हमारे साथ वही हुआ । हमें उनका खेल पता था और हम उन्हें प्रो लीग में हरा भी चुके थे लेकिन आखिरी बीस मिनट में की गई गलतियों की वजह से हम हार गए ।’’
भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ काफी चौकस रहकर पेनल्टी कॉर्नर गंवाने से बचना होगा । अर्जेंटीना के गोलकीपर टोमास सैंटियागो पहले ही चेता चुके हैं कि वह भारतीय कप्तान और दिग्गज ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के खिलाफ पूरी तैयारी से उतरेंगे ।
उन्होंने कहा ,‘‘ भारत काफी मजबूत टीम है और उसे हराने के लिये हमें अपना 120 प्रतिशत देना होगा । आज की हॉकी में हर टीम के पास एक ट्रंपकार्ड है और भारत के लिये वह हरमनप्रीत है । हम उसका वीडियो विश्लेषण करके पेनल्टी कॉर्नर पर गोल नहीं करने देंगे ।’’
नीदरलैंड के खिलाफ गोल करने के कई मौके बनाने के बावजूद फील्ड गोल करने में नाकाम रही भारतीय टीम को सर्कल के भीतर भी बेहतर खेल दिखाना होगा । सिर्फ बेहतरीन रक्षण पर मैच नहीं जीते जा सकते और फॉरवर्ड पंक्ति को भी अपने अनुभव का इस्तेमाल करना होगा । मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण बनाये रखने पर भी फोकस करना जरूरी है जिसकी कमी नजर आ रही है ।
भाषा मोना सुधीर
सुधीर

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