ऐतिहासिक स्कीट कांस्य पदक से माहेश्वरी चौहान को शॉटगन के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद

Ads

ऐतिहासिक स्कीट कांस्य पदक से माहेश्वरी चौहान को शॉटगन के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद

  •  
  • Publish Date - September 23, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 07:13 PM IST

नागोया, 23 सितंबर (भाषा) ओलंपियन माहेश्वरी चौहान का मानना है कि यहां एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में भारत का ऐतिहासिक कांस्य पदक इस खेल में बड़े उछाल की शुरुआत हो सकता है जिसमें अब प्रतिभा की गहराई, गुणवत्ता और सबसे महत्वपूर्ण रूप से युवा निशानेबाजों की नयी पीढ़ी उभर रही है।

बुधवार से पहले भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में कभी कोई पदक नहीं जीता था। बुधवार को माहेश्वरी चौहान, रेजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल ने मिलकर 331 का स्कोर बनाया और कांस्य पदक हासिल किया।

हालांकि माहेश्वरी के लिए इस पदक का महत्व पोडियम तक सीमित नहीं है। 30 वर्षीय निशानेबाज का मानना है कि युवा शॉटगन निशानेबाजों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ बेहतर तकनीकी, पोषण संबंधी और मानसिक तैयारी ने भारत में इस खेल की बुनियाद को बदल दिया है और इसके परिणाम अब सामने आने शुरू ही हुए हैं।

माहेश्वरी ने कहा, ‘‘मैं इस बात से थोड़ी निराश हूं कि (टीम पदक) का रंग और बेहतर नहीं रहा, लेकिन पोडियम पर जगह बनाना ही बेहतर है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में स्कीट महिला में यह अब तक का पहला पदक है। ’’

उन्हें इस कामयाबी के ऐतिहासिक महत्व का अहसास था, लेकिन साथ ही उन्हें यह भी लग रहा था कि भारत और बेहतर कर सकता था। ये तीनों खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में थीं। माहेश्वरी और रेजा ओलंपियन हैं जबकि परिनाज देश के शॉटगन सेटअप में उभरते हुए युवा नामों में से एक हैं।

माहेश्वरी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम शानदार फॉर्म में हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम (एशियाई खेलों में पुरुषों और महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी से) कुछ और पदक जीतेंगे। मुझे लगता है कि यह पोडियम पर बेहतर जगह बनाने और बेहतर मुकाबलों के लिए और अच्छे मौके पाने की दिशा में बस एक शुरुआती कदम है। ’’

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर