एशियाई खेलों में स्कीट के दो कांस्य पदकों से भारतीय निशानेबाजी को मिली राहत

Ads

एशियाई खेलों में स्कीट के दो कांस्य पदकों से भारतीय निशानेबाजी को मिली राहत

  •  
  • Publish Date - September 23, 2026 / 05:31 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 05:31 PM IST

(अजय मसंद)

नागोया, 23 सितंबर (भाषा) स्कीट निशानेबाजी बुधवार को एशियाई खेलों में भारत के लिए राहत लेकर आई और देश ने दो कांस्य पदक जीते। यह ऐसा दिन रहा जब पिस्टल स्पर्धाओं में भारतीय महिला निशानेबाजों का प्रदर्शन अपेक्षित नतीजे हासिल नहीं कर सका।

भारत की पुरुष और महिला स्कीट टीम ने पोडियम पर जगह बनाकर शुरुआती दिन से उतार-चढ़ाव से गुजर रहे निशानेबाजी अभियान में कुछ चमक बिखेरी।

व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी रोमांच रहा। पुरुष वर्ग में अनंतजीत सिंह नरूका और महिला वर्ग में रेजा ढिल्लों पदक के बेहद करीब पहुंचने के बाद चौथे स्थान पर रहे।

महिला टीम का कांस्य विशेष महत्व रखता है। परिनाज धालीवाल, रेजा और माहेश्वरी चौहान ने 375 में से 331 अंक जुटाकर एशियाई खेलों में भारत को स्कीट का पहला पदक दिलाया।

चीन ने 357 अंक के खेलों के रिकॉर्ड के साथ टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान ने 336 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया।

तीन दिन के क्वालीफिकेशन के बाद भारतीय टीम के पास गलती की बहुत कम गुंजाइश थी। प्रत्येक निशानेबाज ने 25 शॉट की पांच सीरीज पूरी की। परिनाज और रेजा दोनों ने 111 अंक बनाए जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक का योगदान दिया जिससे भारत का कुल स्कोर 331 रहा।

रेजा और परिनाज इसके बाद आठ निशानेबाजों के व्यक्तिगत फाइनल में भारत की उम्मीदें लेकर उतरीं।

दोनों में अधिक अनुभवी और ओलंपियन रेजा फाइनल में लंबे समय तक पदक की दौड़ में बनी रहीं लेकिन निर्णायक चरण में चूक गईं और 23 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहीं। परिनाज क्वालीफिकेशन के अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकीं और सबसे पहले बाहर होने वाली निशानेबाज रहीं। उन्हें आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा।

चीन की जियांग यितिंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 35 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।

महिलाओं के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद भारतीय पुरुष टीम ने भी दिन का अंत एक और कांस्य पदक के साथ किया।

नरूका, अनुभवी मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल की भारतीय टीम ने 346 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया। कतर ने 353 अंक के साथ स्वर्ण और कुवैत ने 348 अंक के साथ रजत पदक जीता।

हालांकि नरूका व्यक्तिगत स्पर्धा में करीबी अंतर से पदक से चूक गए।

इस 28 वर्षीय ओलंपियन ने शुरुआती दो दिन में शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को पदक के दावेदार के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने सोमवार और मंगलवार को उल्लेखनीय निरंतरता के साथ 100 में से 96 अंक जुटाए और तीन अन्य निशानेबाजों के साथ क्वालीफिकेशन में संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे।

क्वालीफिकेशन के अंतिम दौर में उनका प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा। नरूका ने 25 में से 23 अंक बनाए लेकिन 119 के कुल स्कोर के साथ आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने और व्यक्तिगत पदक की उम्मीदें कायम रखने में सफल रहे।

फाइनल में भी उन्होंने संयम बरकरार रखा लेकिन मुकाबला इतना कड़ा था कि गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी।

एशिया के सबसे सफल स्कीट निशानेबाजों में शामिल कतर के राशिद सालेह अल अथबा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 34 अंक के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन के ल्यू जियानलिन ने 33 अंक के साथ रजत जबकि चीनी ताइपे के ली मेंग-युआन ने 29 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

नरूका चौथे स्थान पर रहे। यह भारतीय निशानेबाज के लिए एक बार फिर निराशाजनक चौथा स्थान रहा। पेरिस ओलंपिक में भी वह माहेश्वरी के साथ मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गए थे।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता