(अदिति खन्ना)
लंदन, 23 सितंबर (भाषा) ब्रिटेन की एक अदालत ने पिछले महीने लंदन में यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किये गए फौजदारी मामलों के वकील विजय अग्रवाल की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी।
धोखाधड़ी और धन शोधन के मामलों में भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी का प्रतिनिधित्व कर रहे अग्रवाल, साउथवार्क क्राउन कोर्ट में न्यायमूर्ति जॉन मिल्ने के समक्ष जमानत की सुनवाई के लिए पेश हुए। अग्रवाल पर यौन उत्पीड़न का आरोप है।
न्यायाधीश ने जमानत देने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि अग्रवाल के देश से भागने की आशंका है और हो सकता है कि वह मार्च 2027 में होने वाली सुनवाई के लिए पेश न हों।
उनकी सहायक मनप्रीत कौर पर यौन हमले को इरादतन बढ़ावा देने या उसमें मदद करने के दो आरोप हैं। उन्हें वीडियो-लिंक के जरिए पेश होना था, लेकिन जेल प्रशासन की एक गलती की वजह से वे पेश नहीं हो पाए। इस वजह से दोनों आरोपियों की औपचारिक पेशी की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी।
बुधवार की सुनवाई में, लोक अभियोजन सेवा ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रवाल को जमानत दिए जाने का पुरजोर विरोध किया।
अग्रवाल की बैरिस्टर साशा वास ने अपने मुवक्किल को ‘‘अच्छे चरित्र’’ वाला व्यक्ति बताया, जिन्हें दक्षिण-पश्चिम लंदन की वंड्सवर्थ जेल में एक महीने से अधिक समय से रखा गया है।
अग्रवाल (57) और कौर (41) को 26 मई और 9 अगस्त को हुए कथित यौन अपराधों के मामले में 11 अगस्त को लंदन के पॉश मेफेयर इलाके में ब्रिक स्ट्रीट स्थित एक इमारत से गिरफ्तार किया गया था।
अग्रवाल पर ‘‘यौन उत्पीड़न के चार आरोप हैं।’’ वहीं, कौर पर ‘‘यौन उत्पीड़न जैसे अपराध को इरादतन बढ़ावा देने या उसमें मदद करने के दो आरोप’’ हैं।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश