हॉकी विश्व कप: 53 साल बाद वेगनेर स्टेडियम में फिर भिड़ेंगी भारत-पाकिस्तान की टीमें
हॉकी विश्व कप: 53 साल बाद वेगनेर स्टेडियम में फिर भिड़ेंगी भारत-पाकिस्तान की टीमें
… मोना पार्थसारथी …
एम्सटेलवीन (नीदरलैंड), 18 अगस्त (भाषा) पांच दशक से अधिक समय पहले विश्व कप इतिहास के सबसे रोमांचक भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में से एक का गवाह बना वेगनेर स्टेडियम बुधवार को एफआईएच विश्व कप में एक बार फिर दोनों चिर प्रतिद्वंद्वियों की टक्कर की मेजबानी के लिए तैयार है। इसी स्टेडियम में 31 अगस्त 1973 को विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 1-0 से हराया था। बीपी गोविंदा ने 62वें मिनट में निर्णायक गोल कर भारत को फाइनल में पहुंचाया था। भारत के तत्कालीन कप्तान एमपी गणेश के लिए वह मुकाबला आज भी सबसे यादगार भारत-पाकिस्तान मैचों में शुमार है। अस्सी वर्षीय गणेश ने उस समय को याद करते हुए कहा, ‘‘ विदेश में खेलने वाली वह भारत की सबसे फिट टीमों में एक थी। भारत ने पाकिस्तान पर दबदबा बनाया था जिससे हमारे पास कुछ और गोल करने के मौके थे। सुरजीत शानदार लय में थे और पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने नौ गोल किए थे।’’ गणेश 1973 के उस सेमीफाइनल को विश्व कप में खेले गए सबसे बेहतरीन भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में से एक मानते हैं। उस समय दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव का असर मैदान पर भी दिखाई देता था। उन्होंने कहा, ‘‘वह विश्व कप में भारत-पाकिस्तान का सबसे बेहतरीन मैच था। सेमीफाइनल मुकाबला खिलाड़ियों के कौशल की जंग जैसा था। उन दिनों जब भी हम एक-दूसरे के खिलाफ खेलते थे तब मैदान पर युद्ध जैसा तनाव रहता था।’’ गणेश के मुताबिक, ‘‘1971 के युद्ध की कड़वाहट उस समय भी ताजा थी। दोनों टीमें मैदान के बाहर भी एक-दूसरे से दूरी बनाए रखती थीं। उस दौर में खिलाड़ियों के बीच अभिवादन तक का चलन नहीं था। 1971 विश्व कप की मार्च-पास्ट के दौरान दोनों देशों के खिलाड़ी अगल-बगल खड़े थे, लेकिन एक-दूसरे की तरफ देखा तक नहीं।’’ वह सेमीफाइनल मुकाबला बराबरी की टक्कर वाला था। दोनों टीमें किसी भी कीमत पर हार मानने को तैयार नहीं थीं। आखिरकार गोविंदा के गोल ने भारत को बढ़त दिलाई और यही गोल निर्णायक साबित हुआ। गणेश ने कहा, ‘‘ दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। कोई भी हार मानने को तैयार नहीं था। मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण और कड़ा रहा।’’ भारत की इस जीत के साथ टीम ने फाइनल में प्रवेश किया, जो वेगनेर स्टेडियम में ही खेला गया। फाइनल में भारत का सामना मेजबान नीदरलैंड से हुआ। अतिरिक्त समय के बाद भी मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद पेनल्टी स्ट्रोक में नीदरलैंड ने 4-2 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम कर लिया। भाषा मोना आनन्द सुधीरसुधीर

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