समझ नहीं पा रही हूं कि यहां विश्व चैंपियनशिप कैसे हो सकती है : ब्लिचफेल्ट

समझ नहीं पा रही हूं कि यहां विश्व चैंपियनशिप कैसे हो सकती है : ब्लिचफेल्ट

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 06:50 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 06:50 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने एक बार फिर यहां चल रहे इंडिया ओपन में मौजूद हालात को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए इन्हें ‘अस्वीकार्य’ और ‘बहुत ही गैर पेशेवर’ बताया और कहा कि ‘यहां विश्व चैंपियनशिप आयोजित होना बहुत मुश्किल लगता है।’

विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज ब्लिचफेल्ट ने सुपर 750 टूर्नामेंट के पहले दिन ही ‘स्वास्थ्य के लिए खराब’ परिस्थितियों की आलोचना की थी जो अगस्त में होने वाली विश्व चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए पहली बार इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है।

इससे पहले सुपर 750 टूर्नामेंट के चरण केडी जाधव इंडोर हॉल में आयोजित किए गए थे।

ब्लिचफेल्ट ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, ‘‘भारत में पिछले कुछ दिन बेहद कठिन रहे हैं, मैंने जो उम्मीद की थी उससे भी ज्यादा मुश्किल। मैंने एक बार फिर खराब हालात के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार किया था। लेकिन हमारे आसपास की परिस्थितियां अस्वीकार्य और बेहद ही गैर-पेशेवर हैं। ’’

डेनमार्क की इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘हम यहां कोर्ट के अंदर और बाहर अपनी तैयारियों पर फोकस करने और प्रदर्शन करने आए हैं। दुर्भाग्य से इन हालात में सिर्फ मुकाबले पर फोकस करना और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना बहुत मुश्किल हो जाता है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व टूर सुपर 750 टूर्नामेंट में हमें जिन हालातों का सामना करना पड़ रहा है, उनसे हर कोई तनाव में है और परेशान है। पहले तो आप इसे हंसकर टालने की कोशिश करते हैं। लेकिन अंत में, यह न तो मज़ेदार है और न ही खिलाड़ियों या इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सही है। ’’

ब्लिचफेल्ट की आलोचना के बाद और भी घटनाएं हुईं जैसे स्टैंड में एक बंदर का दिखना, पक्षियों की बीट की वजह से खेल में रुकावट पड़ना और खिलाड़ियों की तरफ से बहुत अधिक प्रदूषण की शिकायतें।

ब्लिचफेल्ट इंडिया ओपन के दूसरे ही दौर में बाहर हो गईं, उन्होंने घर लौटने के बाद लिखा, ‘‘मुझे खुशी है कि इस मुद्दे पर आखिरकार ध्यान दिया जा रहा है। और मैं सच में उम्मीद करती हूं कि अगर हमें भारत में प्रतियोगिता खेलना जारी रखना है तो भविष्य में हम खिलाड़ियों के लिए बेहतर हालात होंगे। ’’

उन्होंने लिखा, ‘‘दुख की बात है कि मौजूदा हालात को देखते हुए मैं समझ नहीं पा रही हूं कि यहां विश्व चैंपियनशिप कैसे हो सकती है। ’’

उन्होंने लिखा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि बैडमिंटन की विश्व संचालन संस्था भविष्य में खिलाड़ियों के लिए उचित हालात और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और भी कदम उठाएगी। ’’

प्रतियोगिता के पहले दिन से ही आलोचना के बाद भारतीय बैडमिंटन संघ और विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडल्यूएफ) ने कई बयान जारी किए हैं।

बीडब्ल्यूएफ ने बृहस्पतिवार को खेलने की स्थितियों की आलोचना के बीच एक विस्तृत बयान जारी किया और इस बात को रेखांकित किया कि आयोजन के दौरान कौन से कदम उठाए गए हैं।

विश्व संस्था ने बयान में कहा, ‘‘मुख्य रूप से मौसम की स्थितियों से संबंधित कारकों को प्रबंधित करने ने चुनौतियां पेश कीं जिसमें धुंध और ठंड का मौसम शामिल रहा जो स्थल के अंदर हवा के स्तर और तापमान को प्रभावित कर रहा है। हालांकि हमारा आकलन इस बात की पुष्टि करता हैं कि इंदिरा गांधी खेल परिसर केडी जाधव स्टेडियम की तुलना में महत्वपूर्ण ‘अपग्रेड’ है जो बेहतर ढांचा प्रदान करता है। ’’

उसने कहा, ‘‘सामान्य साफ-सफाई और स्वच्छता के साथ जानवरों को नियंत्रित करने सहित कार्यान्वयन के कुछ क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत थी। भारतीय बैडमिंटन संघ ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए तुरंत कार्रवाई की है। ’’

बीडब्ल्यूएफ ने दोहराया कि पुराने केडी जाधव स्टेडियम से हटने का मकसद अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना था।

बयान में कहा गया है, ‘‘इंदिरा गांधी खेल परिसर में जाने से खिलाड़ियों और अधिकारियों को ज्यादा जगह मिलती है और यह बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए बीडब्ल्यूएफ की ‘फील्ड ऑफ प्ले’ की जरूरतों को पूरा करता है। ’’

इसमें कहा गया है, ‘‘इस हफ्ते इकट्ठा की गई जानकारी अगस्त में विश्व स्तरीय अनुभव देने के लिए आगे के अपग्रेड में मदद करेगी क्योंकि तब मौसमी समस्याओं के इतने गंभीर होने की उम्मीद नहीं है। ’’

इसके अनुसार, ‘‘हमारी प्राथमिकता सभी प्रतिभागियों के लिए एक सुरक्षित, उच्च-गुणवत्ता वाला माहौल सुनिश्चित करना है। हमें विश्वास है कि यह सभी हितधारकों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा। हम खिलाड़ियों और टीम को उनकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद देते हैं और भारतीय बैडमिंटन संघ के साथ साझेदारी में लगातार सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। ’’

भाषा नमिता मोना

मोना