(भरत शर्मा)
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) टी20 विश्व कप में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान करने वाली लुंगी एनगिडी की नीचे की ओर गिरती हुई धीमी गेंद (डिपिंग स्लोअर बॉल) इंडियन प्रीमियर लीग में भी बल्लेबाजों के लिए उतनी ही घातक बनी हुई है।
एनगिडी ने 2018 में चेन्नई सुपरकिंग्स में ड्वेन ब्रावो के कहने पर अपनी धीमी गेंदों पर काम करना शुरू किया था और खेल के इस सबसे छोटे प्रारूप में इस अहम कला में महारत हासिल करने में उन्हें थोड़ा समय लगा।
दक्षिण अफ्रीका और दिल्ली कैपिटल्स के इस तेज गेंदबाज को हैरानी है कि अब सभी उनकी गेंदबाजी विविधताओं के बारे में बात कर रहे हैं जबकि ये वर्षों से उनके खेल का हिस्सा रही हैं।
बृहस्पतिवार को चुनिंदा संवाददाताओं से बात करते हुए एनगिडी ने अपनी हाल की सबसे असरदार गेंद के बारे में बात की। एक धीमी गेंद जो बल्लेबाज के पास पहुंचते-पहुंचते नीचे की ओर गिरने लगती है। यह धीमी यॉर्कर, लेंथ गेंद या धीमी बाउंसर हो सकती है।
दक्षिण अफ्रीका के इस तेज गेंदबाज ने टी20 विश्व कप के दौरान कहा था, ‘‘यह एक ही गेंद के साथ तीन अलग-अलग लेंथ हैं और बल्लेबाज को यह अंदाजा लगाना होता है कि अगली गेंद कौन सी आने वाली है।’’
बृहस्पतिवार को इस तेज गेंदबाजी से उनकी विविधताओं और टी20 प्रारूप में बल्लेबाजों से आगे रहने में वह कैसे कामयाब रहे इस बारे में कई सवाल पूछे गए। एनगिडी ने उन सभी का जवाब बहुत ही आसान शब्दों में दिया।
एनगिडी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि हर कोई हैरान है लेकिन मैं तो वर्षों से धीमी गेंदें डाल रहा हूं। शायद मैं अब उन्हें थोड़ी अधिक फ्लाइट दे रहा हूं। मैं आईपीएल से जुड़े ट्रेंड पर नजर रख रहा हूं। हर कोई तेज गेंदबाजी करना चाहता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन जैसी बल्लेबाजी के लिए मददगार पिचों पर आपको कुछ अलग करना पड़ता है। यही एकमात्र तरीका है जिससे आप प्रासंगिक बने रह सकते हैं। बहुत से लोग मेरे से इसके बारे (डिपिंग स्लोअर बॉल के बारे में) पूछते हैं। उन्हें लगता है कि यह आसान है।’’
एनगिडी ने कहा, ‘‘इस गेंद को सही तरीके से डालने में मुझे लगभग एक साल का समय लगा। यह मेरे मुख्य हथियारों में से एक है। यॉर्कर लेंथ पर इसे विकसित करने के लिए बहुत आत्मविश्वास की जरूरत होती है। जब मैं सही गेंद डालता हूं तो उससे मौके बनते हैं। टी20 क्रिकेट में आप यही तो चाहते हैं।’’
भाषा सुधीर मोना
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