Vedanta Power Plant Sakti Update || Image- IBC24 News File
सक्ती: बीते मंगलवार को सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद कई घायलों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। इस हादसे में घायल 11 श्रमिकों का रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। (Vedanta Power Plant Sakti Update) अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इनमें से 18 श्रमिकों की मौत रायगढ़ में इलाज के दौरान हुई, जबकि दो श्रमिकों ने राजधानी रायपुर में दम तोड़ा।
इस बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक परिवार ने दावा किया है कि दिलीप कुमार नाम का मजदूर हादसे के बाद से लापता है। परिजन आज उसकी तलाश में पावर प्लांट पहुंचे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन दिलीप कुमार बॉयलर टेस्ट के लिए गया था, जिसके बाद यह दुर्घटना हुई। परिजनों ने उसकी खोजबीन की गुहार लगाई है।
घटना के तीसरे दिन भी मृत श्रमिकों के शवों की शिनाख्त और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। अधिकांश मृतक पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण बुधवार को पांच शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। आज सुबह से परिजनों के पहुंचने के बाद शिनाख्त और पोस्टमार्टम की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गृह राज्यों के लिए रवाना किया जाएगा। (Vedanta Power Plant Sakti Update) जिला प्रशासन के अनुसार, घायलों के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन गुरुवार को रायगढ़ पहुंचे। उन्होंने मेट्रो हॉस्पिटल, जिंदल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली। मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने भी हादसे पर चिंता जताई है, वहीं मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और श्रम कानूनों के तहत भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल प्लांट को सील कर दिया गया है और जांच पूरी होने तक इसे दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री की ओर से 2 लाख रुपये और मुख्यमंत्री की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता राशि भी घोषित की गई है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर लापरवाही का मामला प्रतीत होता है और इसकी गहन जांच कराई जाएगी। (Vedanta Power Plant Sakti Update) पिछले दो वर्षों में औद्योगिक इकाइयों में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस उपाय करने पर भी विचार कर रही है।
इस हादसे के बाद प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर मजदूरों और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा की अनदेखी के आरोप लगाए थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की अगुवाई में एक जाँच दल का भी गठन किया था। आज कांग्रेस की यह जाँच दल सक्ती पहुँच चुकी है। वे घायलों के परिजनों से भेंट करने के साथ ही घटनास्थल का भी जायजा लेंगे। इसके बाद तैयार रिपोर्ट पीसीसी को भेजी जाएगी।
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