डोपिंग से निपटने के लिये अब प्रतिबंधित पदार्थ पहुंचाने वालों, खुफिया सूचनाओं पर वाडा का फोकस

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डोपिंग से निपटने के लिये अब प्रतिबंधित पदार्थ पहुंचाने वालों, खुफिया सूचनाओं पर वाडा का फोकस

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 05:19 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 05:19 PM IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) बरसों तक डोपिंग के उन्मूलन के लिये रणनीतियां दोषियों को पकड़ने और बाकियों को जागरूक करने के इर्द गिर्द बनती रही लेकिन अब इससे अधिकतम नतीजे निकलने के बाद विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) का फोकस प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करने वाले अपराधिक सरगनाओं पर है ।

वाडा के खुफिया और जांच निदेशक तथा जर्मनी में कानून का पालन कराने वाली एजेंसी के साइबर क्राइम विभाग के पूर्व प्रमुख रहे गुंटेर यंगर ने कहा ,‘‘ खिलाड़ी असल में पीड़ित है । हमें प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करने वालों को निशाना बनाना होगा ।’’

वाडा की वैश्विक डोपिंग रोधी खुफिया और जांच नेटवर्क की आखिरी कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि संगठित अपराध अब तेजी से जटिल होते जा रहे डोपिंग नेटवर्क में पूरी तरह से घुस चुका है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ जब प्रदर्शन बेहतर करने वाली प्रतिबंधित ड्रग (पीईडी) के 1 . 8 बिलियन डोज को इन अभियानों के जरिये बाजार में घुसने से रोका गया तो समझ में आता है कि खतरा कितना बड़ा है । कितनी जिंदगियां बचाई गई है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ समझने के लिये ऐसे देखें कि भारत की आबादी 1 . 4 बिलियन है और सभी को इन पदार्थों का एक डोज दिया जाये तो भी कई मिलियन बच जायेंगे । लेकिन इस कार्रवाई से ऐसे लोगों को कड़ा संदेश जाता है कि हम अपने मुखबिरों के जरिये अपराधिक नेटवर्क में घुसेंगे ।’’

यंगर वाडा के उस आयोग के सदस्य थे जिसने रूस में 2015 में एथलेटिक्स में प्रणालीगत डोपिंग की जांच की थी ।

उन्होंने कहा ,‘ हम शायद डोपिंग को पूरी तरह से कभी खत्म नहीं कर सकेंगे लेकिन इसे उन लोगों के लिये कठिन, महंगा और जोखिमभरा बना देंगे जो बाजार में ऐसी ड्रग की आपूर्ति करते हैं ।’’

वाडा डोपिंग रोधी अभियान में कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है । इंटरपोल से उसका अनुबंध एक दशक से अधिक पूराना है ।

इंटरपोल के वित्त अपराध और भ्रष्टाचार रोधी केंद्र के निदेशक फ्रांसिस्को लियोन ने कहा ,‘‘ वैश्वीकरण और डिजिटलीकरण से अपराधों को अब आधुनिक और जटिल तरीके से अंजाम दिया जा रहा है लिहाजा एलेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है ।’’

भाषा मोना नमिता

नमिता