जील और सहजा की आसान जीत से भारत ने मंगोलिया को 3-0 से हराया

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जील और सहजा की आसान जीत से भारत ने मंगोलिया को 3-0 से हराया

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  • Publish Date - April 10, 2026 / 07:18 PM IST,
    Updated On - April 10, 2026 / 07:18 PM IST

… अमनप्रीत सिंह …

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) जील देसाई और सहजा यमलापल्ली की एकतरफा जीत से भारत ने बिली जीन किंग कप के एशिया/ओशिनिया ग्रुप-1 मुकाबले में शुक्रवार को यहां मंगोलिया को 3-0 से शिकस्त दी। बिली जीन किंग कप में अपना पदार्पण मैच खेल रही जील ने 15 वर्षीय अनु-वजिन गैंटोर को महज 37 मिनट में सीधे सेटों में 6-0, 6-0 से हराया। सहजा ने भी डीएलटीए परिसर में खेले गए मैच में बिना कोई गेम गंवाए 32 वर्षीय जरगल अल्तानसरनाई को 42 मिनट में 6-0, 6-0 से शिकस्त दी। वैष्णवी आडकर और रुतुजा भोसले की जोड़ी ने इसके बाद युगल में भी भारत का दबदबा जारी रखते हुए खोंगोरज़ुल अलडारकिशिग और जारगल अल्तानसरनाई की जोड़ी पर 6-1, 6-0 की आसान जीत दर्ज की। मंगोलिया की कमजोर टीम पर प्रभावशाली जीत के बाद भारत के सामने शनिवार को प्रतियोगिता के आखिरी दिन कोरिया की चुनौती होगी। थाईलैंड के खिलाफ मिली हार ने भारत की स्थिति को पहले ही मुश्किल बना दिया है। छह टीमों के इस ग्रुप में शीर्ष दो टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी, जबकि अंतिम दो टीमों को ग्रुप-2 में खिसकना पड़ेगा। ऐसे में इस बात की संभावना अधिक है कि भारत ग्रुप-1 में बना रहेगा। भारत को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए यह उम्मीद करनी होगी कि इंडोनेशिया पहले कोरिया को 3-0 से हराए और फिर भारत भी शनिवार को कोरिया को इसी अंतर से शिकस्त देने में सफल रहे। मंगोलिया पर प्रभावशाली जीत के बाद भारतीय कप्तान विशाल उप्पल ने कहा, ‘‘हम उस (थाईलैंड से मिली हार) के बारे में नहीं सोचेंगे। हमारे लिए जरूरी है कि हम कल मैदान पर उतरें और कोरिया को हराएं। अब यह बात मायने नहीं रखती कि हम प्लेऑफ में पहुंचें या न पहुंचें। मुझे लगता है कि इस टीम में कुछ युवा खिलाड़ी हैं, जो अपने अनुभव का इस्तेमाल कर कोरिया जैसी टीम को हरा सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम थाईलैंड से हार गए और अब पछताने से कोई फायदा नहीं। अंकिता और रुतुजा के लिए यह साल बहुत अहम है। यह एशियाई खेलों का साल है और वे निश्चित रूप से एशियाई खेलों में कोरियाई टीम के खिलाफ खेलेंगी। ऐसे में उनके खिलाफ यहां खेलना अच्छा रहेगा।’’ थाईलैंड के खिलाफ शुरुआती एकल मुकाबले में वैष्णवी की हार अप्रत्याशित थी। उन्होंने स्वीकार किया कि वह घबराहट में यह मैच गंवा बैठीं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बाहरी परिस्थितियों से कहीं अधिक मानसिक दबाव का मामला था, क्योंकि इस तरह के बड़े मंच पर यह मेरा पहला मैच था। मैं ऐसे में अपनी घबराहट को अच्छी तरह से संभाल नहीं पाई।’’ मंगोलिया के खिलाफ गैंटोर के अनुभवहीन होने को देखते हुए उप्पल ने जील को मौका दिया। टूर्नामेंट में अब तक केवल एक गेम जीत सकी गैंटोर इस स्तर के मुकाबलों के लिए अभी तैयार नहीं दिखीं। गैर-वरीयता प्राप्त गैंटोर को अभी काफी कुछ सीखना है। मुकाबले के दौरान गैंटोर अपने दम पर शायद ही कोई अंक जीत सकीं। उनके खाते में अंक तभी जुड़ा, जब भारतीय खिलाड़ी से कोई गलती हुई। मुकाबले के दौरान ऐसा लगा कि गैंटोर ने पहले ही हार मान ली थी। वह सर्विस रिटर्न भी ठीक से नहीं कर सकीं और गेंदें लगातार लाइन से बाहर जाती रहीं, जिससे मुकाबला एकतरफा बन गया। भारतीय खेमे को हालांकि इससे कोई शिकायत नहीं होगी, क्योंकि प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए उसे मंगोलिया के साथ-साथ शनिवार को कोरिया के खिलाफ भी जीत दर्ज करनी है। सहजा ने भी बिना किसी परेशानी के जीत हासिल कर ली। इस मैच में भी दोनों खिलाड़ियों के खेल के स्तर में काफी बड़ा अंतर देखने को मिला। विश्व रैंकिंग में 385वें पायदान पर काबिज खिलाड़ी के खिलाफ जरगल के लिए एक गेम जीतना भी मुश्किल दिख रहा था। भाषा आनन्द मोनामोना