टी20 से टेस्ट प्रारूप में ढलना भारतीय महिला टीम की बड़ी उपलब्धि : मिताली

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टी20 से टेस्ट प्रारूप में ढलना भारतीय महिला टीम की बड़ी उपलब्धि : मिताली

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 09:00 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 09:00 PM IST

… भरत शर्मा…

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए ऐतिहासिक एकमात्र टेस्ट में भारत की 270 रन की शानदार जीत का सबसे बड़ा कारण परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता को बताया। भारत ने सोमवार को लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट को यादगार बनाते हुए मेजबान इंग्लैंड को चारों दिन हर विभाग में पछाड़कर बड़ी जीत दर्ज की। बल्लेबाजी में शतक लगाने वाली यास्तिका भाटिया की अगुवाई में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों का बेहतर सामना किया, जबकि क्रांति गौड़ की अगुवाई वाली तेज गेंदबाजी इकाई ने मेजबान टीम की तुलना में पिच से ज्यादा मदद हासिल की। यास्तिका और क्रांति दोनों ने लॉर्ड्स ‘ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम दर्ज कराया। मिताली ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह ऐतिहासिक जीत है और लॉर्ड्स में भारत का पहला टेस्ट था। यह देखकर अच्छा लगा कि टीम इस प्रारूप में इतना अच्छा प्रदर्शन कर रही है, जिसमें दुनिया भर की महिला क्रिकेटर अक्सर खेलने का मौका नहीं पातीं।’’ पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हरमनप्रीत कौर की टीम ने हालिया टी20 विश्व कप में नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना पाने की निराशा को पीछे छोड़ते हुए शानदार वापसी की। उन्होंने कहा, ‘‘टी20 से खुद को अलग करके लंबे प्रारूप में उतरना किसी भी क्रिकेटर के लिए चुनौती होती है, लेकिन लड़कियों ने शानदार तरीके से खुद को तैयार किया। घरेलू टीम को उसके मैदान पर हराना अलग ही एहसास देता है। मुझे यकीन है कि टीम टी20 विश्व कप की निराशा से काफी हद तक आगे बढ़ चुकी है।’’ मिताली ने कहा, ‘‘खेल की यही खूबसूरती है। निराशा के बाद भी आपको अगले दिन के लिए तैयार होना पड़ता है और लड़कियों ने यही किया। उन्हें छोटा ब्रेक मिला, उन्होंने इस मुकाबले की तैयारी की और अब उसका परिणाम सबके सामने है।’’ मिताली ने क्रांति और यास्तिका के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर दो भारतीय महिला खिलाड़ियों के नाम दर्ज होना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वास्तव में बहुत खुश हूं कि दो भारतीय महिला क्रिकेटरों के नाम ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हुए। यह भी एक ऐतिहासिक क्षण है।’’ उन्होंने क्रांति की तारीफ करते हुए कहा, ‘क्रांति अभी भारतीय टीम में नई हैं। पिछले साल उन्होंने टीम में जगह बनाई और 50 ओवर के प्रारूप में भी काफी प्रभावशाली रही हैं। उनकी सबसे अच्छी बात यह है कि वह बड़े मंच से प्रभावित नहीं होतीं।’’ मिताली ने यास्तिका भाटिया की वापसी की सराहना करते हुए कहा, ‘‘यास्तिका बेहद मजबूत खिलाड़ी हैं। पिछले घरेलू विश्व कप से पहले वह चोटिल हो गई थीं। किसी खिलाड़ी के लिए घरेलू विश्व कप से बाहर रहना बेहद दुखद होता है। फिर भारत ने विश्व कप जीता, ऐसे में आप समझ सकते हैं कि उस समय वह कैसा महसूस कर रही होंगी।’’ लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट पुरुषों के पहले टेस्ट के 142 साल बाद खेला गया। इससे पहले भारतीय कोच अमोल मजूमदार ने भी इस बात पर हैरानी जताई थी कि इतने प्रतिष्ठित मैदान पर महिला टेस्ट आयोजित होने में इतना समय लग गया। मिताली ने इस पर कहा, ‘‘मुझे भी हैरानी होती है कि हमने इंग्लैंड में टेस्ट खेले हैं, लेकिन लॉर्ड्स में कभी नहीं खेल पाए। इसका जवाब मैं नहीं दे सकती कि इसमें इतना समय क्यों लगा। लेकिन मेरा मानना है कि हर चीज का एक सही समय होता है।’’ भाषा आनन्द सुधीरसुधीर