नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) भारत ने आधिकारिक रूप से 2038 एशियाई खेलों की मेजबानी के लिए अपनी इच्छा की अभिव्यक्ति (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) प्रस्तुत कर दी है।
देश की ओलंपिक संस्था के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह देश की उस व्यापक रणनीति की दिशा में एक अहम कदम है जिसके तहत वह बड़े बहु-खेल टूर्नामेंट का एक वैश्विक केंद्र बनना चाहता है।
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने हाल में 2038 खेलों की मेजबानी के लिए अपनी इच्छा की अभिव्यक्ति एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) को सौंपी है।
इस महाद्वीपीय ओलंपिक संस्था ने 21 अप्रैल को चीन के सान्या शहर में हुई अपनी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में भारत की इच्छा पर चर्चा की। सान्या में ही 22 अप्रैल से ‘एशियाई बीच गेम्स’ शुरू हुए थे।
आईओए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर ने शुक्रवार को पीटीआई को बताया, ‘‘हां, हमने इच्छा की अभिव्यक्ति जमा कर दी है और ओसीए ने अपनी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में इस पर चर्चा भी की है। ’’
भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद में करेगा जो देश की 2036 ओलंपिक बोली के लिए भी प्रस्तावित शहर है। अगर देश एशियाड की बोली जीत जाता है तो गुजरात का यह शहर 2038 एशियाई खेलों की मेजबानी के लिए एक बार फिर एक मज़बूत दावेदार बन सकता है।
अय्यर ने कहा, ‘‘अभी तो यह सिर्फ इच्छा अभिव्यक्त करना भर है। उन्होंने (ओसीए) शुरुआती चर्चा कर ली है और आगे हमें क्या करना है, इस बारे में वे हमें बताएंगे। बोलियां जमा करने के लिए (फिलहाल) कोई तय समय-सीमा नहीं है। ’’
भाषा नमिता आनन्द
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