LPG Delivery New Rule: LPG डिलीवरी में चौंकाने वाला नियम! मोबाइल पर आया कोड बताना जरूरी, नहीं दिया तो डिलीवरी बॉय वापस ले जाएगा सिलेंडर

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LPG Delivery New Rule: अब LPG सिलेंडर डिलीवरी के लिए मोबाइल पर मिलने वाला LPG का DAC कोड बताना जरूरी कर दिया गया है। यह एक OTP जैसा नंबर होता है जो बुकिंग के बाद मिलता है। इसे दिखाए बिना सिलेंडर डिलीवरी नहीं होगी और ऑर्डर पूरा नहीं माना जाएगा।

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 05:17 PM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 05:35 PM IST

(LPG Delivery New Rule/ Image Credit: Meta AI)

HIGHLIGHTS
  • LPG (Liquefied Petroleum Gas) डिलीवरी में अब DAC सिस्टम लागू किया जा रहा है।
  • DAC कोड OTP की तरह होता है जो बुकिंग के बाद मोबाइल पर भेजा जाता है।
  • बिना सही DAC कोड बताए सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं होगी।

नई दिल्ली: LPG Delivery New Rule: LPG से जुड़े नियमों में अब एक नया बदलाव लागू किया जा रहा है। जिसे DAC यानी Delivery Authentication Code कहा जाता है। यह सिस्टम घरेलू गैस डिलीवरी को ज्यादा सुरक्षित बनाने और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए लाया गया है। गैस कंपनियों का कहना है कि इससे ब्लैक मार्केटिंग और फर्जी डिलीवरी जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।

DAC नंबर क्या होता है?

DAC (Delivery Authentication Code) एक यूनिक कोड होता है जो हर LPG बुकिंग के बाद ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। यह बिल्कुल OTP की तरह काम करता है। जब गैस सिलेंडर डिलीवरी के लिए आता है तो डिलीवरी बॉय इस कोड की मांग करता है। सही कोड बताने पर ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाती है।

DAC नंबर कैसे मिलता है?

जब भी ग्राहक LPG सिलेंडर बुक करता है तो गैस कंपनी की तरफ से DAC कोड SMS, मोबाइल ऐप या WhatsApp के जरिए भेजा जाता है। यह कोड उसी मोबाइल नंबर या डिवाइस पर भेजा जाता है जिससे बुकिंग की गई होती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोड सही व्यक्ति तक ही पहुंचे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

डिलीवरी में कैसे काम करता है नया नियम

जब डिलीवरी बॉय आपके घर LPG सिलेंडर लेकर आता है तो वह आपसे DAC नंबर मांगता है। आपको अपने मोबाइल पर आए कोड को उसे बताना होता है। अगर कोड सही होता है तभी डिलीवरी पूरी होती है। अगर आप कोड नहीं बता पाते हैं तो सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जाती है या वापस ले जाया जा सकता है।

अगर DAC नंबर नहीं मिले तो क्या करें?

कई बार नेटवर्क या तकनीकी कारणों से DAC कोड समय पर नहीं आता। ऐसी स्थिति में ग्राहक घबराएं नहीं। आप डिलीवरी बॉय से कोड दोबारा भेजने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके अलावा गैस कंपनी की ऐप, वेबसाइट या कस्टमर केयर से भी इसे फिर से प्राप्त किया जा सकता है। यह नया सिस्टम सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है। ताकि सही ग्राहक को ही गैस सिलेंडर डिलीवरी हो सके।

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DAC नंबर क्या होता है?

यह एक यूनिक कोड है जो LPG बुकिंग के बाद ग्राहक को भेजा जाता है।

क्या DAC OTP जैसा होता है?

हाँ, यह OTP की तरह ही काम करता है और डिलीवरी के समय जरूरी होता है।

DAC नंबर क्यों जरूरी किया गया है?

ताकि फर्जी डिलीवरी, गैस चोरी और गलत बिलिंग को रोका जा सके।

अगर DAC नंबर नहीं बताया तो क्या होगा?

सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जा सकती है या वापस ले जाई जा सकती है।