इंडिया ओपन बैडमिंटन : पक्षी की बीट से प्रणय के मैच में रुकावट, आयोजकों की मुश्किलें बढ़ीं
इंडिया ओपन बैडमिंटन : पक्षी की बीट से प्रणय के मैच में रुकावट, आयोजकों की मुश्किलें बढ़ीं
नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) इंडिया ओपन सुपर 750 में आयोजन संबंधी चिंताओं की सूची बढ़ती ही जा रही है और बृहस्पतिवार को एच एस प्रणय और सिंगापुर के लोह कीन यू के बीच पुरुष एकल के दूसरे दौर के मैच के दौरान ‘पक्षी की बीट’ के कारण दो बार मैच रोकना पड़ा।
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में चल रहे टूर्नामेंट के तीसरे दिन भी असामान्य रुकावटें जारी रहीं। पहले से ही टूर्नामेंट खेलने की स्थितियों, खराब हवा, बहुत अधिक ठंड और इस हफ्ते की शुरुआत में स्टैंड में एक बंदर देखे जाने से जुड़ी शिकायतों के कारण जांच के दायरे में चल रहा है।
पूर्व विश्व चैंपियन लोह के खिलाफ प्रणय का मैच पहली बार तब रोका गया जब भारतीय खिलाड़ी पहले गेम में 16-14 से आगे था। निर्णायक गेम की शुरुआत में इसे फिर से रोका गया, जब प्रणय 1-0 से आगे थे।
दोनों मौकों पर टूर्नामेंट के अधिकारी कोर्ट एक (मुख्य टीवी कोर्ट) साफ करने के लिए आए। ऐसा लग रहा था कि छत से पक्षी की बीट गिरी थी।
प्रणय ने 21-18, 19-21, 14-21 से हार के बाद कहा, ‘‘यह पक्षी की बीट थी जिसने खेल को रोक दिया। ’’
लोह ने रुकावटों के बारे में बात नहीं की लेकिन प्रदूषण को एक मुद्दा बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी का स्टैमिना दो स्तर नीचे चला गया है। मौसम अच्छा नहीं है। मेरी सेहत काफी खराब हो गई है। मैं सही से सांस नहीं ले पा रहा हूं। जब भी हो सकता है मैं मास्क पहनता हूं। मैं जितना हो सके अंदर रहता हूं, बस यही कर सकता हूं। ’’
शुरुआत में इन रुकावटों से दर्शक और कमेंटेटर हैरान रह गए क्योंकि चेयर अंपायर ने अचानक अपना हाथ उठाकर खेल रोक दिया। अधिकारियों ने जल्द ही प्रभावित जगह को साफ करने के लिए टिशू और वाइप्स का इस्तेमाल किया।
ब्रेक के दौरान जब प्रणॉय तौलिया लेने गए तो लोह को नेट के पास जाने से पहले छत की ओर देखते हुए देखा गया।
दूसरी रुकावट निर्णायक गेम शुरू होने के तुरंत बाद आई, जिसके बाद खेल फिर से शुरू होने से पहले थोड़ी देर सफाई करनी पड़ी।
पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार स्टैंड से मैच देख रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि यह चिड़िया की बीट थी या नहीं, रुकावट सिर्फ 30-40 सेकेंड के लिए थी। उन्होंने फर्श साफ किया। मुझे नहीं पता कि यह चिंता की कोई बड़ी बात है। मैंने अब तक अंदर कोई चिड़िया नहीं देखी है, यह एक छोटी सी बात है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘चीन को छोड़कर, टूर्नामेंट के 90 प्रतिशत स्थल की हालत बहुत खराब है। ’’
लेकिन उन्होंने कहा कि साफ-सफाई में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘एक बात यह है कि हम इतने बड़े टूर्नामेंट आयोजित करते हैं तो हमारे पास अच्छी टॉयलेट सुविधाएं क्यों नहीं हो सकती? स्टेडियम का रख रखाव बहुत जरूरी है। यह भारतीय बैडमिंटन संघ या आयोजकों का काम नहीं है ? ’’
यह घटना टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की लगातार शिकायतों के बाद हुई है।
मंगलवार को डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने खराब परिस्थितियों को लेकर असंतोष व्यक्त किया जबकि उनके देश के एंडर्स एंटोनसेन ने सोशल मीडिया पोस्ट में बहुत अधिक प्रदूषण का हवाला देते हुए लगातार तीसरे साल टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया।
बुधवार को आयोजकों को तब और शर्मिंदगी हुई जब टूर्नामेंट के दौरान स्टैंड में एक बंदर देखा गया।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर

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