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नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) भारत की कलात्मक जिम्नास्टिक्स टीम आगामी राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के तहत लंदन में तीन सप्ताह का प्रशिक्षण शिविर पूरा करने के बाद 20 जुलाई को ग्लास्गो के लिए रवाना होगी।
यह प्रशिक्षण शिविर 29 जून से शुरू हुआ जिसके लिए कोषभारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा ‘टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप’ (टीएजीजी) और ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टॉप्स) के तहत दिया गया था।
राष्ट्रमंडल खेलों के लिए महिला टीम में ओलंपियन प्रणति नायक, निश्का अग्रवाल, ईशिता रेवाले और प्रतिष्ठा सामंता शामिल हैं।
पुरुष टीम में तपन मोहंती, तपेश्वरनाथ दास, स्वातिश केपी और योगेश्वर सिंह को जगह मिली है।
राकेश पात्रा पुरुष टीम के कोच हैं जबकि पायल भट्टाचार्जी और अशोक कुमार मिश्रा महिला टीम के कोच के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इस वर्ष की शुरुआत में ताशकंद में आयोजित एफआईजी विश्व चैलेंज कप में वॉल्ट स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाली प्रणति नायक फिलहाल ओडिशा में अशोक कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं और वह सीधे स्कॉटलैंड पहुंचेंगी।
विदेश में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य राष्ट्रमंडल खेलों से पहले टीम की तैयारियों को अंतिम रूप देना था। शिविर समाप्त होने के बाद भारतीय दल लंदन से सीधे ग्लास्गो के लिए रवाना होगा।
राकेश पात्रा ने पीटीआई से कहा, ‘‘अब तक यह प्रशिक्षण शिविर बेहद उपयोगी रहा है। खिलाड़ी अच्छी तैयारी कर रहे हैं और इस तरह का अंतरराष्ट्रीय अनुभव राष्ट्रमंडल खेलों जैसे बड़े आयोजन से पहले काफी लाभदायक साबित हुआ है। हम 20 जुलाई को लंदन से सीधे ग्लासगो के लिए रवाना होंगे। ’’
राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय जिम्नास्ट अब तक कुल तीन पदक (एक रजत और दो कांस्य) जीत चुके हैं।
2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में आशीष कुमार ने फ्लोर एक्सरसाइज में रजत और वॉल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था जबकि 2014 ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में दीपा करमाकर ने महिला वॉल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द