भारतीय कबड्डी खिलाड़ी डोप परीक्षण में विफल, एशियाई बीच खेलों का रजत पदक छिना

भारतीय कबड्डी खिलाड़ी डोप परीक्षण में विफल, एशियाई बीच खेलों का रजत पदक छिना

भारतीय कबड्डी खिलाड़ी डोप परीक्षण में विफल, एशियाई बीच खेलों का रजत पदक छिना
Modified Date: September 8, 2026 / 07:03 pm IST
Published Date: September 8, 2026 7:03 pm IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) एशियाई बीच खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम के सदस्य बृजेंद्र सिंह चौधरी से प्रतियोगिता के दौरान हुए डोप परीक्षण में विफल रहने के कारण पदक छीन लिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने बताया कि चौधरी 27 अप्रैल को प्रतियोगिता के दौरान किए गए डोप परीक्षण में प्रतिबंधित ड्युरेटिक (मास्किंग एजेंट) ब्रिंजोलेमाइड के सेवन के दोषी पाए गए थे और उन्होंने प्रतिबंध को स्वीकार कर लिया है।

एशियाई बीच खेल चीन के सान्या में 22 से 30 अप्रैल तक हुए थे। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने रजत जबकि महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता था।

आईटीए ने एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) की ओर से जारी बयान में कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने बताया है कि भारतीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेंद्र सिंह चौधरी पर डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन (एडीआरवी) के मामले में कार्रवाई की गई है।’’

ब्रिंजोलेमाइड को विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया है और यह प्रतियोगिता के दौरान तथा प्रतियोगिता के इतर भी हर समय प्रतिबंधित है।

आईटीए ने कहा, ‘‘खिलाड़ी ने ओसीए के डोपिंग रोधी नियमों के तहत अपने उल्लंघन के परिणामों को स्वीकार कर लिया है। इसमें डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन की पुष्टि और छठे एशियाई बीच खेल सान्या 2026 में उनके व्यक्तिगत परिणामों को रद्द करना शामिल है। इसमें पुरुष बीच कबड्डी स्पर्धा में उनका दूसरा स्थान भी शामिल है।’’

आईटीए के बयान के अनुसार डोप उल्लंघन का असर सिर्फ चौधरी के व्यक्तिगत नतीजों पर पड़ेगा।

चौधरी ऑलराउंडर हैं और वह प्रो कबड्डी लीग में भी खेल चुके हैं। उन्होंने 2024 सत्र में दबंग दिल्ली फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया था।

चौधरी पर आईटीए पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है इसलिए भारत में उनके खिलाफ कोई नई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होगी। उन पर आगे निलंबन या प्रतिबंध लगाने का फैसला अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ करेगा।

आईटीए ने ओसीए की ओर से ओसीए के डोपिंग रोधी नियम 8.3.3 और विश्व डोपिंग रोधी संहिता के समान प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की है।

इस प्रावधान के तहत यदि कोई खिलाड़ी डोपिंग उल्लंघन को चुनौती नहीं देता है तो डोपिंग रोधी संगठन औपचारिक सुनवाई किए बिना उसके परिणाम रद्द करने जैसी कार्रवाई कर सकता है।

आईटीए ने कहा, ‘‘ओसीए के दृष्टिकोण से यह मामला अब समाप्त माना जा रहा है और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई के निर्धारण के लिए इसे अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ को भेजा जाएगा।’’

आईटीए ने कहा, ‘‘जिन पक्षों को अपील का अधिकार है, वे इस फैसले को खेल पंचाट के समक्ष चुनौती दे सकते हैं।’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


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