भारतीय निशानेबाजी दल ने एशियाई खेलों से पहले ट्रांसपोर्ट विलंब, लंबी यात्रा पर निराशा जताई

भारतीय निशानेबाजी दल ने एशियाई खेलों से पहले ट्रांसपोर्ट विलंब, लंबी यात्रा पर निराशा जताई

भारतीय निशानेबाजी दल ने एशियाई खेलों से पहले ट्रांसपोर्ट विलंब, लंबी यात्रा पर निराशा जताई
Modified Date: September 17, 2026 / 02:44 pm IST
Published Date: September 17, 2026 2:44 pm IST

(अजय मसंद और अंकित श्रेष्ठ)

नागोया, 17 सितंबर (भाषा) भारत के 30 सदस्यीय निशानेबाजी दल के साथ आइची नागोया एशियाई खेलों में पहुंचे एक सीनियर कोच ने यहां व्यवस्था पर निराशा जताई है , खासकर निशानेबाजों को अभ्यास सह प्रतिस्पर्धा स्थल पर ले जाने और लाने में काफी लंबा समय लग रहा है ।

कोच ने कहा कि वह काफी अपेक्षाओं के साथ जापान पहुंचे थे लेकिन बंदोबस्त वैसे नहीं है, जैसी मेजबान देश की छवि है । भारतीय निशानेबाज रेंज से 50 किलोमीटर दूर अलग अलग होटलों में रूके हैं ।

भारतीय दल में दो ओलंपिक पदक जीत चुकी मनु भाकर, एशियाई खेलों की पदक विजेता ऐशा सिंह जैसे पदक के कई दावेदार हैं जिन्हें रेंज तक पहुंचने के लिये लंबा सफर तय करना पड़ रहा है ।

कई एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में बतौर खिलाड़ी भाग ले चुके कोच ने कहा ,‘‘ आवागमन बड़ी समस्या है । लेकिन हम क्या कर सकते हैं । निशानेबाजी रेंज के आसपास कोई होटल है ही नहीं । अगर होता तो हम पहले पहुंच जाते । उन्होंने हमें बड़ी दूर होटल दिया है ।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के सामने वह यह मसला उठा चुके हैं लेकिन हाल ही में व्यक्तिगत तौर पर अधिकारियों से इस पर बात नहीं की है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा मानना है कि एनआरएआई ने एशियाई खेलों के आयोजकों से इस पर बात की होगी । मैने महासंघ से बात नहीं की है लेकिन इस मसले के बारे में बता दिया है ।’’

कोच ने यह भी कहा कि लंबी यात्रा निशानेबाजों के लिये नयी बात नहीं है क्योंकि रेंज अक्सर शहर से दूर ही होती है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ चीन में (2022 हांगझोउ एशियाई खेल) भी रेंज तक पहुंचने में एक घंटा लगता था । लेकिन जापान तो जापान है लिहाजा हमें बंदोबस्त से निराशा हुई है । यह बेहतर हो सकता था ।’’

निशानेबाजों को रेंज तक ले जाने वाली बसें भी देर से पहुंची । निशानेबाज तीन चार होटलों में रूके हैं और नाश्ते के लिये एक होटल में इकट्ठा होते हैं जहां से बस लेनी होती है । एक बस को 8 . 40 पर रवाना होना था जो नौ बजे के बाद गई जबकि एक अन्य बस 9 . 40 पर जाने वाली थी जो 10 . 30 पर निकली ।

भाषा मोना सुधीर

सुधीर


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