(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 27 अगस्त (भाषा) विश्व कप में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी रखते हुए नवनीत कौर के दो गोल की मदद से पांचवीं रैंकिंग वाली जर्मन टीम को 3 -1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया जो पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है ।
विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत को इस टूर्नामेंट में एकमात्र पराजय का सामना ओलंपिक चैम्पियन सह मेजबान नीदरलैंड के हाथों (0-2) करना पड़ा था।
दूसरे दौर के आखिरी मैच में आस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ के बाद सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हुई कोच शोर्ड मारिन की टीम ने जर्मनी के खिलाफ सारी कसर निकालते हुए आखिरी 17 मिनट में तीन गोल दागे ।
भारत के लिये इशिका (43वां मिनट ), नवनीत (44वां और 47वां) ने गोल दागे । जर्मनी के लिये लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एकमात्र गोल दागा ।
इसी जर्मन टीम ने टूर्नामेंट से पहले दो अभ्यास मैचों में भारत को हराया था । क्लासीफिकेशन मैच में पहले 43 मिनट तक दोनों टीमों एक दूसरे को आजमाती रही लेकिन कामयाबी नहीं मिली और आखिरी सत्रह मिनट में भारत ने जबर्दस्त पासिंग, बेहतरीन फिनिशिंग और मजबूत रक्षण का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को संभलने का मौका ही नहीं दिया । जर्मनी को मैच में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर और डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा ।
विश्व कप में पहली बार खेल रही 11 खिलाड़ियों के साथ उतरे कोच मारिन के साथ ड्रैग फ्लिक कोच ताइके ताकेमा और विश्लेषण कोच मथियास विला जीत के बाद उछलते नजर आये । यह 1974 में अजिंदर कौर की अगुवाई में पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है ।
अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले इस प्रदर्शन से भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढा होगा । पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया था लेकिन फिर इंग्लैंड से ड्रॉ खेला था । एकमात्र पराजय दूसरे चरण में डच टीम के हाथों मिली लेकिन मेजबान ने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागे थे ।
पांचवें मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब नवनीत बायीं ओर से गेंद लेकर सर्कल के भीतर घुसी और दाहिनी ओर सलीमा को पास दिया लेकिन जर्मन गोलकीपर ने आगे की ओर बढकर रोक दिया । सलीमा ने पेनल्टी कॉर्नर की मांग की लेकिन अंपायर ने मना किया ।
नौवें मिनट में जर्मनी की एम्मा डेविडस्मेयेर गेंद लेकर दाहिने ओर से अकेले आगे बढी लेकिन गोल के सामने नियंत्रण नहीं रख सकी और शॉट लेने में नाकाम रही ।
पहला क्वार्टर खत्म होने से ठीक पहले शिल्पी डबास ने मिडफील्ड में नेहा को गेंद सौंपी जो उस पर नियंत्रण नहीं रख सकी । जर्मनी को 15वें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जब इशिका ने एम्मा को सर्कल के भीतर बाधा पहुंचाई । भारत ने इस पर रेफरल लिया लेकिन वीडियो अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला बरकरार रखा और भारत ने अपना रेफरल गंवा दिया ।
लिली स्टोफेलस्मा की ड्रैग फ्लिक को भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने बखूबी बचाया लेकिन रशर के पहले दौड़ने के कारण जर्मनी को लगातार दूसरा कॉर्नर मिला जिस पर वैरिएशन की कोशिश नाकाम रही । पहले पंद्रह मिनट में कोई टीम गोल नहीं कर सकी ।
दूसरे क्वार्टर में चौथे मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब मैदान के बीच से दीपिका ने गेंद नवनीत को सौंपी जिसने सर्कल पर लालरेम्सियामी को पास दिया लेकिन उसका शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया । जर्मनी को इसी मिनट पलटवार में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर पुश कमजोर होने से कामयाबी नहीं मिली ।
भारत के पास 22वें मिनट में फिर सुनहरा मौका था लेकिन दो कोशिशों के बावजूद उसे फिनिश तक नहीं ले जाया जा सका । पहले नवनीत ने बायीं ओर से सीधा शॉट लिया जिसे जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क ने बायां पैर आगे करके रोक लिया लेकिन गेंद अभी भी डी के भीतर थी और गोल के दाहिने ओर सलीमा के पास गई जिनका प्रयास भी जर्मन डिफेंस ने नाकाम कर दिया और गेंद बाहर निकाल दी ।
ब्रेक तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी । ब्रेक के बाद भी दोनों टीमों में कोई तेजी नजर नहीं आई और मैच काफी धीमी रफ्तार से आगे बढा । इशिका 35वें मिनट में दाहिने फ्लैंक से अकेले गेंद लेकर आगे बढी लेकिन सर्कल के पास पहुंचकर नियंत्रण खो दिया । इसके तीन मिनट बाद ज्योति को फिजियो की मदद से मैदान छोड़कर आना पड़ा जब उनका घुटना मुड़ गया ।
भारत को लगातार अच्छे प्रयासों का नतीजा 43वें मिनट में मिला जब नेहा से गेंद लेकर इशिका सर्कल के भीतर घुसी और रिवर्स हिट पर जर्मन गोलकीपर के ऊपर से गेंद गोल के भीतर डाल दी ।
भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर अगले ही मिनट मिला जब नवनीत को सर्कल में बाधा पहुंची । नवनीत की स्लैप हिट रोके जाने से पहले गेंद डिफेंडर के पैर से टकराई जिससे भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला । इस पर नवनीत ने गेंद को रोककर फिर उसी तकनीक से स्लैप लगाई और भारत के लिये दूसरा गोल दाग दिया ।
नवनीत की शानदार ड्रिबलिंग के दम पर भारत को तीसरा गोल मिला जब जर्मन डिफेंडरों से घिरने के बावजूद उन्होंने गेंद पर से कब्जा नहीं गंवाया और गोलकीपर के पास से गेंद ले जाते हुए सीधी हिट पर गोल किया ।
तीन गोल गंवाने के बाद जर्मन टीम ने पलटवार ने 48वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन गोल नहीं कर सकी ।
भाषा मोना नमिता
नमिता