संयुक्त राष्ट्र, 27 अगस्त (भाषा) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ में बड़ी संख्या में लोगों की मौत और व्यापक तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है। संयुक्त राष्ट्र ने राहत कार्यों के लिए शुरुआती तौर पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता आवंटित की है।
तिब्बत से आई भीषण बाढ़ ने बुधवार को मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। तेज बहाव के कारण कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं। बाढ़ का पानी निचले इलाकों की ओर बढ़ने से कई जिले प्रभावित हुए।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में 355 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि 825 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई है और करीब 560 लोग लापता हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया, ‘‘गुतारेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ से हुई बड़ी संख्या में मौतों, लोगों के लापता होने और व्यापक तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है।’’
बयान में कहा गया कि नेपाल में सरकार के नेतृत्व में चलाए जा रहे राहत प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र सहयोग कर रहा है। इसमें आपदा के पैमाने का आकलन करना और तत्काल सहायता पहुंचाना शामिल है। संयुक्त राष्ट्र की टीम और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित समुदायों की मदद के लिए आवश्यक सामग्री और कर्मियों को जुटा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने लोगों की जान बचाने में जुटे आपातकालीन बचावकर्मियों के प्रयासों की सराहना की और आगे भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने नेपाल में आई बाढ़ को ‘‘खौफनाक’’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘आपातकालीन टीम सक्रिय कर दी गई हैं और स्थिति का आकलन करते हुए अन्य टीम भी तैयार रखी गई हैं। हम अधिकारियों और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मैंने संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक आपातकालीन कोष (सीईआरएफ) से शुरुआती 20 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि आवंटित की है, ताकि आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, आश्रय और पानी उपलब्ध कराकर लोगों की जान बचाई जा सके।’’
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि नेपाली अधिकारियों के अनुसार, करीब 10,000 परिवारों को तत्काल राहत की जरूरत है। बाढ़ में बस्तियां, बाजार, सड़कें, पुल और जलविद्युत ढांचे बह गए हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, कई सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
भाषा आशीष माधव
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